आप एक स्पेयर पार्ट कंपनी के मैनेजर हैं और आपको एक बड़ी उत्पादक कंपनी ?बी? के प्रवेश से सौदे के लिए बातचीत करनी है। सौदा अत्यधिक प्रतिस्पद्धार्त्मक है तथा आपकी कंपनी के लिए यह सौदा प्राप्त करना बहुत महत्वपूर्ण है। डिनर पर सौदा किया जा रहा है। डिनर के पश्चात् उत्पादक कंपनी ?बी? के मैनेजर ने आपको होटल अपनी गाड़ी से छोड़ने का प्रस्ताव किया। होटल जाते समय कंपनी ?बी? के मैनेजर से एक मोटरसाइकिल पर सवार व्यक्ति बुरी तरह से घायल हो गया। आप जानते हैं कि मैनेजर तीव्र गति से गाड़ी चला रहा था और वह गाड़ी पर नियंत्रण खो बैठा था। विधि-प्रवर्तन अधिकारी इस घटना की जाँच करने के लिए आते हैं और आप इस घटना के एकमात्र प्रत्यक्ष साक्षी हैं। सड़क दुर्घटनाओं के कड़े कानूनों को जानते हुए आप इस बात से अवगत हैं कि आपके इस घटना के सच्चे बयान से कंपनी ?बी? के मैनेजर पर अभियोग चलाया जा सकता है जिसके परिणामस्वरूप सौदा होना खतरे में पड़ सकता है और यह सौदा आपकी कंपनी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आप किस प्रकार की दुविधाओं का सामना करेंगे? इस परिस्थिति के बारे में आपकी क्या प्रतिक्रिया होगी?

यह मामला व्यावसायिक हितों एवं नैतिक तथा कानूनी दायित्व के बीच द्वंद्व से संबंधित है। एक ओर जहाँ स्पेयर पार्ट कंपनी के मैनेजर के रूप में मेरा दायित्व कंपनी ‘बी’ से सौदा प्राप्त करना है वहीं दूसरी ओर दुर्घटना में घायल व्यक्ति को न्याय दिलवाना एवं उसके पक्ष में गवाही देना मेरा नैतिक एवं कानूनी दायित्व है।

चूँकि इस मामले के संबंध में मैं ही एकमात्र गवाह हूँ अतः मेरे समक्ष मुख्यतः दो ही विकल्प उपलब्ध हैं-

  1. प्रथम गवाही देने से इंकार कर कंपनी ‘बी’ के मैनेजर को बचा लेना ताकि सौदा प्राप्त होने की संभावना बढ़ सके।
  2.  द्वितीय घटना की सच्चाई को प्रस्तुत करना और सौदे की परवाह किये बिना दुर्घटना में घायल व्यक्ति को न्याय दिलवाना।

उपर्युक्त दोनों विकल्पों के गुण एवं दोषों का आकलन करने के पश्चात् ही समुचित निष्कर्ष तक पहुँचा जा सकता है।

यदि मेरे द्वारा विकल्प (a) का चयन किया जाता है तो इसके निम्नलिखित गुण एवं दोष होंगे-

गुण- मेरे द्वारा गवाही देने से मुकर जाने या गुमराह करने वाली जानकारी प्रदान करने से कंपनी ‘बी’ का मैनेजर निर्दोष साबित हो जायेगा। इससे मुझे उसकी सहानुभूति प्राप्त हो जायेगी और मेरी कंपनी को उसकी कंपनी से सौदा प्राप्त करने की संभावना बढ़ जायेगी।

अवगुण- गलती होने के बावजूद कंपनी ‘बी’ को मैनेजर को बचाना न तो नैतिक रूप से उचित होगा और न ही कानूनी रूप से। सबसे बढ़कर इससे कभी भी मेरी अंतरात्मा मुझे क्षमा नहीं कर सकेगी क्योंकि मेरे द्वारा जान-बूझकर एक गलत व्यक्ति को बचाया गया है।

इसी प्रकार यदि मेरे द्वारा विकल्प (b) का चयन किया जाता है तो इसके निम्नलिखित गुण एवं दोष होंगे-

गुण- घटना की सच्चाई को प्रस्तुत कर न सिर्फ मैं एक निर्दोष व्यक्ति को न्याय दिलवा सकूँगा बल्कि अपने नैतिक एवं कानूनी दायित्व का समुचित निर्वहन भी कर सकूँगा।

अवगुण- इससे कंपनी ‘बी’ के मैनेजर को निश्चित तौर पर सजा मिलेगी। साथ ही कंपनी ‘बी’ के प्रबंधन को भी मेरे द्वारा उठाये गये कदम से नाराजगी हो सकती है। परिणामस्वरूप कंपनी ‘बी’ के द्वारा मेरी कंपनी को सौदा देने से मना किया जा सकता है।

मेरे द्वारा चुना गया विकल्प एवं उसके कारण :

  • मेरे द्वारा विकल्प ‘बी’ का चयन किया जायेगा अर्थात् मैं घटना की सच्चाई को सामने रखूँगा और उस घायल व्यक्ति को न्याय दिलवाने का प्रयास करूँगा।
  • ज्ञातव्य है कि घटना की सच्चाई को प्रस्तुत कर उस निर्दोष व्यक्ति को न्याय दिलवाना जहाँ मेरा नैतिक एवं सामाजिक दायित्व है वहीं गवाह के रूप में प्रस्तुत होना मेरा कानूनी दायित्व है। भारतीय साक्ष्य अधिनियम में स्पष्टतः वर्णित है कि गवाही देना व्यक्ति का कानूनी उत्तरदायित्व है।
  • मेरे इस कदम से कंपनी ‘बी’ के द्वारा सौदा देने से इंकार किया जा सकता है किंतु यदि मेरी कंपनी के उत्पाद गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती होंगे तो निश्चित तौर पर हमें कोई दूसरा सौदा प्राप्त हो जायेगा।
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