यह मामला नियमों के स्पष्ट उल्लंघन एवं प्रशासनिक लापरवाही से संबंधित है। एक ओर जहाँ निर्माणकर्त्ता के द्वारा अनुमति न होने के बावजूद अवैध रूप से निर्माण कार्य किया गया वहीं दूसरी ओर जाँच अधिकारियों के द्वारा अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया गया।
देश में होने वाली इस प्रकार की घटनाओं के पीछे निम्नलिखित कारण उत्तरदायी हैं-
- ‘राष्ट्रीय बिल्डिंग कोड’ (National Building Code) का उल्लंघन कर तीन मंजिली इमारत के स्थान पर छः मंजिली इमारत का निर्माण किया गया। ज्ञातव्य है कि राष्ट्रीय बिल्डिंग कोड देश भर में इमारतों के निर्माण संबंधी गतिविधियों को विनियमित करता है।
- जाँच अधिकारियों की लापरवाही इस प्रकार की घटनाओं के लिए दूसरा प्रमुख कारण है। ज्ञातव्य है कि किसी इमारत के निर्माण से पहले नक्शा (Map) बनाना पड़ता है। इस मामले से स्पष्ट है कि तीन मंजिली इमारत की अनुमति दी गयी थी किंतु निर्माणकर्त्ता के द्वारा छः मंजिली इमारत का नक्शा पास करवाया गया।
- फिर यदि निर्माणकर्त्ता ने छः मंजिली इमारत का नक्शा नहीं भी पास करवाया तो यह जाँच अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है कि वे ऐसी अवैध गतिविधियों को नियंत्रित करें।
- लोभ एवं अत्यधिक लाभ को अत्यधिक महत्व दिया जाता है जिसके कारण इस प्रकार की गतिविधियों को अंजाम दिया जाता है।
- निर्माणकर्त्ताओं के द्वारा पैसे बचाने के लिए घटिया सामग्री का प्रयोग किया जाता है जिससे निर्मित इमारतें काफी कमजोर होती हैं और दुर्घटना का शिकार होती है।
- निर्माणकर्त्ताओं के द्वारा निर्माण स्थल की भौगोलिक स्थिति के बारे में समुचित जानकारी नहीं एकत्रित की जाती और न ही मिट्टी आदि की जाँच करायी जाती है। उनका उद्देश्य सिर्फ किसी प्रकार से इमारत का निर्माण करना होता है।
- व्यावसायिक नैतिकता का अभाव भी इस प्रकार की घटनाओं के लिए प्रमुख रूप से उत्तरदायी है। व्यावसायिक नैतिकता के अभाव के कारण लोगों के हितों की तुलना में निर्माणकर्त्ता स्वयं के लोभ को अधिक वरीयता प्रदान करते हैं।
इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए जा सकते हैं-
- ‘राष्ट्रीय बिल्डिंग कोड’ ; (National Building Code) के तहत निर्धारित मानकों का समुचित अनुपालन सुनिश्चित कराया जाना चाहिए।
- इमारतों के लिए नक्शा जारी करने वाले विभाग के अधिकारियों को समुचित प्रशिक्षण प्रदान किया जाना चाहिए ताकि अनुचित नक्शे न जारी होने पायें।
- भौगालिक स्थिति के अनुसार, अलग-अलग स्थानों के लिए अलग-अलग मानक निर्धारित किये जाने चाहिए तथा इन मानकों के अनुपालन के लिए एक स्वतंत्र एजेन्सी का गठन किया जाना चाहिए।
- इमारतों के निर्माण के दौरान निर्माणकर्त्ता के द्वारा जिस सामग्री का प्रयोग किया जाता है उसकी समुचित जाँच की व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि घटिया सामग्री का प्रयोग न किया जा सके।
- सबसे बढ़कर निर्माण स्थल में मजदूरों की सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि किसी अनहोनी की स्थिति में मजदूरों को बचाया जा सके।