प्रश्नवाचक चिह्न (?) एवं विस्मयादिबोधक चिह्न (!) का प्रयोग

प्रश्नवाचक चिह्न (?):

प्रश्नवाचक चिह्न का प्रयोग निम्नलिखित अवस्थाओं में होता है-

1.            जहाँ प्रश्न करने या पूछे जाने का बोध हो। जैसे- क्या आप इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ते है?, मेरी किताबे कहाँ रखी है?

2.            जहाँ स्थिति निश्चित न हो, वहाँ प्रश्नवाचक चिह्न (?) का प्रयोग किया जाता है। जैसे- आप शायद बंगाली है?

3.            व्यंग्योक्तियों में प्रश्नवाचक चिह्न (?) का प्रयोग किया जाता है। जैसे- भ्रष्टाचार्य इस दौर का सबसे बड़ा शिष्टाचार्य है न?, जहाँ घूसखोरी का बाजार गर्म है; वहाँ ईमानदारी कैसे टिक सकती है?

नोट:   जिन वाक्यों में उत्तर की अपेक्षा नहीं होती प्रश्नसूचक चिह्न का प्रयोग नहीं किया जाता है। जैसे- उसने पूछा कि रमा कहाँ है?

विस्मयादिबोधक चिह्न (!):

               विस्मयादिबोधक चिह्न का प्रयोग हर्ष, घृणा, आश्चर्य, आशीष, श्राप आदि आकस्मिक एवं तुच्छ मनोभावनाओं को व्यक्त करने के लिए निम्नलिखित स्थितियों में होता है। जैसे-

1.            आह्लाद सूचक शब्दों के पदों और वाक्यों के अन्त में इसका प्रयोग होता है। जैसे-वहाँ! तुम्हारा क्या कहना।

2.            अपने से बड़ों को सादर सिद्ध करने में इस चिह्न का प्रयोग किया जाता है। जैसे- है राम! दुःख दूर करो।

3.            जहाँ अपने से छोटो के प्रति शुभकामनाएँ या सद्भावनाएँ प्रकट की जाये, विस्मयादि बोधक चिह्न का प्रयोग होता है। जैसे- यशस्वी हो!,  प्रिय किशोर आशीर्वाद! भगवान तुम्हारा भला करे!

4.            जहाँ मन की स्वाभाविक प्रसन्नता व्यक्त हो, विस्मयादिबोधक चिह्न का प्रयोग होता है। जैसे-कैसा भिखरा रूप है। शाबास! तुम जीत गये!, वाह! कितना अच्छा गीत सुनाया तुमने!

Posted on by