15 नवम्बर, 2017 को चीन के द्वारा लॉन्ग मार्च-4C नामक रॉकेट के द्वारा मौसम संबंधी नवीन उपग्रह फेंगुएन-3 का सफल प्रक्षेपण किया गया। यह उपग्रह मौसम संबंधी सभी प्रकार की जानकारियाँ उपलब्ध कराने में सक्षम है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह उपग्रह थ्री डाइमेंशनल (Three Dimensional) एवं सुदूर संवेदी तस्वीरें उपलब्ध करा सकता है। ? फेंगुएन-3D उपग्रह एवं लॉन्ग मार्च-4C नामक रॉकेट का निर्माण शंघाई एकेडमी ऑफ स्पेसफ्रलाइट टेक्नोलॉजी के द्वारा किया गया है। यह प्रक्षेपण लॉन्ग मार्च रॉकेट श्रृंखला का 254वां मिशन है। ? फेंगुएन-3D उपग्रह वर्ष 2013 में प्रक्षेपित किये गये फेंगुएन-3C उपग्रह के साथ एक नेटवर्क का निर्माण करेगा जिससे मौसम संबंधी सटीक जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी। ? सबसे बढ़कर यह उपग्रह आपदा प्रबंधन के संबंध में भी लाभकारी होगा जिससे चीन को आपदा राहत के कार्य में मदद मिलेगी।

‘नासा’ (NASA) के द्वारा हाल ही में घोषणा की गई है कि वर्ष 1988 के पश्चात् ओजोन की परत में अब तक का सबसे छोटा छिद्र बना है। उल्लेखनीय है कि अंटार्कटिका क्षेत्र में प्रति वर्ष ओजोन की परत में एक छिद्र बनता है। सितम्बर, 2017 में ओजोन की परत में बना यह छिद्र वर्ष 1988 के पश्चात् का सबसे छोटा छिद्र है।

  • ज्ञातव्य है कि दक्षिण गोलार्द्ध में सितम्बर से दिसम्बर महीने के दौरान शीत ऋतु के पश्चात् सूर्य की किरणों की वापसी से उत्प्रेरक प्रभाव पड़ता है। इस उत्प्रेरक प्रभाव के कारण अंटार्कटिक क्षेत्र में ओजोन छिद्र का निर्माण होता है। वर्ष 2016 में ओजोन परत में सबसे बड़ा छिद्र पाया गया था। इस छिद्र का आकार 89 लाख मील के बराबर था। ओजोन परत में सबसे पहले छिद्र का पता वर्ष 1985 में अंटार्कटिका के ऊपर लगाया गया था।
  • ओजोन की परत सूर्य की पराबैंगनी किरणों से मनुष्य की रक्षा करती है। पराबैंगनी किरणें कैंसर, मोतियाबिंद जैसी बीमारियों के अलावा अनेक अन्य प्रकार की बीमारियों को जन्म देने में सक्षम है।
उल्लेखनीय है कि ओजोन की परत समतापमंडल में पायी जाती है। यह परत सूर्य की पराबैंगनी किरणों को अवशोषित कर इसके दुष्प्रभाव से पृथ्वी को बचाती है। समतापमंडल, क्षोभमंडल के ऊपर स्थित होता है। पृथ्वी के ऊपर 17 से 50 किमी की ऊँचाई के बीच समतापमंडल  की उपस्थिति होती है।
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