18 नवम्बर 2017 को अंतर्राष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेन्सी ‘मूडीज’ के द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था की साख को बीएए-3 से बढ़ाकर बीएए-2 कर दिया गया है। बीएए-3 से तात्पर्य ऐसी अर्थव्यवस्था से होता है जहाँ निवेश की संभावनाएँ काफी कमजोर मानी जाती है जबकि बीएए-2 से तात्पर्य ऐसी अर्थव्यवस्था से है जहाँ निवेश की संभावनाएँ काफी अधिक होती है और अर्थव्यवस्था को स्थिर माना जाता है।
- अंतर्राष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेन्सी ‘मूडीज’ के द्वारा भारत सरकार के नोटबंदी, सरकारी बैंकों को अतिरिक्त पूँजी देने, फँसे हुए कर्ज (एनपीए) की वसूली के लिए नये कानून बनाने एवं जीएसटी लागू करने जैसे कदमों की प्रशंसा की गई है।
- रेटिंग में सुधार के साथ मूडीज के द्वारा भारत को उन देशों की सूची में शामिल किया गया है जहाँ निवेशकों के हित सुरक्षित रहेंगे। ज्ञातव्य है कि पहले कईं बार मूडीज के द्वारा वर्तमान सरकार की नीतियों की आलोचना भी की जा चुकी है।
- मूडीज के द्वारा सरकार के उस कदम की भी प्रशंसा की गई है जिसके तहत आधार कार्ड को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण से जोड़ा गया है। ज्ञातव्य है कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण से आधार कार्ड को जोड़ देने से सब्सिडी का लाभ सही व्यक्ति तक पहुँच सका है और इससे भ्रष्टाचार को दूर करने में मदद मिली है।
- मूडीज के द्वारा आशा व्यक्त की गई है कि भारत की आर्थिक विकास दर चालू वित्तीय वर्ष में 7.5 प्रतिशत रहेगी तथा आने वाले समय में इसमें और अधिक
- उल्लेखनीय है कि मूडीज के द्वारा भारत की रेटिंग में तकरीबन 13 वर्षों के बाद सुधार किया गया है। इससे पहले वर्ष 2004 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान मूडीज ने भारत की रेटिंग बढ़ाकर बीएए-2 की थी किंतु कुछ समय पश्चात् मई 2004 में ही संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के आने पर रेटिंग को घटा दिया था।