उद्धरण चिह्न (? ?):

उद्धरण चिह्न (”   “):

उद्धरण चिह्न के दो रूप प्रचलित है-

1.            इकहरा उद्धरण (‘    ’)

2.            दोहरा उद्धरण (”    “)

इनका प्रयोग निम्नलिखित स्थितियों में होता है-

1.            जहाँ किसी पुस्तक से कोई वाक्य ज्यों का त्यों उद्धरित किया जाये, वहाँ दोहरे उद्धरण चिह्न का प्रयोग होता है तथा जहाँ कोई विशेष शब्द, पद, वाक्य खण्ड इत्यादि उद्धरित किये जाये, वहाँ इकहरे उद्धरित चिह्न का प्रयोग किया जाता है।

जैसे-   ”जीवन विश्व सम्पत्ति है।“     -जयशंकर प्रसाद

               ”महात्त्वकांक्षा का मोती निष्ठुरता की सीपी में पलता है“            -जयशंकर प्रसाद

               ‘कामायनी’ की गथा संक्षेप में लिखिएँ?

2.            पुस्तक, समाचार पत्र, लेखक का उपनाम, लेख का शीर्षक इत्यादि की उद्धरित करते समय इकहरे उद्धरण चिह्न का प्रयोग होता है।

               जैसे-  ‘हंस’ का सम्पादन राजेन्द्र यादव करते है।

               ‘नवभारत टाइम्स’ और ‘दैनिक जागरण’ हिन्दी के प्रसिद्ध राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र है।

3.            महत्त्वपूर्ण कथन, कहावत (तत्समत रूप, कथावत) आदि को उद्धरित करने के लिए दोहरे उद्धरन चिह्न का प्रयोग किया जाता है।

जैसे    प्रेमचन्द्र ने कहा था-”साहित्य राजनीति के आगे चलने वाली मशाल है“

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