वाक्यभेद -मिश्रवाक्य में प्रयुक्त होने वाले आश्रित उपवाक्य

मिश्रवाक्य में प्रयुक्त होने वाले आश्रित उपवाक्य तीन प्रकार के होते है। (क) संज्ञा उपवाक्य (ख) विशेषण उपवाक्य (3) क्रिया विशेषण उपवाक्य।

(क)    संज्ञा उपवाक्य: जो उपवाक्य प्रधान वाक्य की किसी संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होता है, उसे संज्ञा उपवाक्य कहते है। जैसे-राम ने कहा कि हम लड़ाई नहीं चाहते। मैंने निश्चय किया कि मुझे पुस्तक मेला देखने के लिए दिल्ली अवश्य जाना है।

(ख)    विशेषण उपवाक्य: जो आश्रित उपवाक्य प्रधानवाक्य के किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है, उसे विशेषण उपवाक्य कहते है। जैसे-यह वही आदमी है जिसने कल चोरी की थी। जो मेहनत करता है, उसे अवश्य सफलता मिलती है।

नोट:   प्रायः विशेषण उपवाक्यों का आरम्भ जो जिस, जिसने, जिन्हे, जिससे, जिसको, जिनका, लिए जैसे शब्दों का प्रयोग होता है।

जैसे-   ऐसा कोई नहीं है, जो कुश्ती में खेली वो जीत सके। जो विद्यार्थी समय गँवाते है, वे एक दिन अवश्य पछताते है। जो वीर और साहसी होते है, वे अपने प्राणों की भी चिन्ता नहीं करते है।

(ग)    क्रिया विशेषण उपवाक्य: जिस आश्रित उपवाक्य का क्रिया विशेषण की भाँति प्रयोग किया जाता है, उसे क्रिया विशेषण उपवाक्य कहते है। दूसरे शब्दों में जो उपवाक्य प्रधान वाक्य की क्रिया की विशेषता बताता है, उसे क्रिया विशेषण उपवाक्य कहते है।

नोट:   क्रिया विशेषण उपवाक्यों में ज्योंहि, जब (कालवाचक क्रिया विशेषण), जहाँ, जिधर, जिस जगह स्थानवाचक क्रियाविशेषण जैसा, जिस तरह जैसे (रीतिवाचक विशेषण), जितना, जितनी, जैसे (परिमाणवाचक) यदि, यघपि, ताकि (परिमाणवाचक हेतु वाचक)।

उदा0-

(क)    जब प्रशान्त मेरे पास आया तब लगभग 4 बजे थे। (कालवाचक क्रियाविशेषण)

(ख)    वह गोरा लड़का जहाँ खड़ा है, वहाँ तेज धूप है। (स्थानवाचक क्रिया विशेषण)

(ग)    बच्चे वैसे करते है जैसे सिखाया जाता है। (रीतिवाचक क्रियाविशेषण)

(घ)    वह उतना ही थकेगा जितना अधिक दौड़ेगा। (परिणामवाचक क्रियाविशेषण)

(ड.)    वहाँ इस वर्ष अकाल पड़ सकता है, जहाँ वर्षा नहीं हुई है। (स्थानवाचक क्रियाविशेषण)

(च)    ज्योहि मै स्कूल से बाहर आया, खेल आरम्भ हो गया। (कालवाचक क्रियाविशेषण)

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