हिन्दी साहित्य: स्मरणीय प्रमुख तथ्य-2

12     तुलसीकृत रामचरितमानस को ‘उत्तर भारत की बाइबिल’ कहते है।

13     रामचरितमानस के सात प्रमुख काण्ड हैं-बालकाण्ड, अयोध्या काण्ड, अरण्य काण्ड, किष्किन्धाकाण्ड, सुन्दरकाण्ड, लंकाकाण्ड और उत्तरकाण्ड। (लिखने में समय लगा-दो वर्ष सात माह)

14     तुलसीदास ने ‘कवितावली’ में अपने युग की यर्थाथ परिस्थितियों का नग्न चित्रण किया है।

15     मीराबाई के गुरु का नाम ‘रैदास’ (सन्त रविदास) है।

16     हिन्दी साहित्य में प्रथम पत्र व्यवहार का साक्ष्य ‘मीराबाई-तुलसीदास’ के बीच का पत्र संवाद है।

17     रीतिकाल (रीतिसिद्ध, रीतिबद्ध, रीतिमुक्त) ‘श्रृंगारकाल’ या ‘अलंकार काल’ के नाम से जाना जाता है।

18     केशवदास की रचना ‘रामचन्द्रिका’ को ‘छंदों का अजायबघर’ कहा जाता है।

19     बिहारी, देव, पद्माकर, मतिराम, सेनापति, ठाकुर, बोधा, भूषण प्रसिद्ध रीतिकालीन कवि है। ?

20     छायावादी काव्य धारा के प्रवर्तक जयशंकर प्रसाद है। शीर्ष कवि-प्रसाद, पन्त, निराला, महोदवी।

21     पन्त को ‘प्रकृति का सुकुमार कवि’ तथा ‘हिन्दी का वडर्सवर्थ’ कहा जाता है।

22     पन्त प्रगतिवाद के प्रवर्तक कवि (रचना-ग्राम्या, युगान्त आदि) है।

23     निराला को ‘महाप्राण’ तथा महोदवी वर्मा को ‘महीयसी’ की उपाधि गंगा प्रसाद विमल ने दी थी।

24     हिन्दी का एकमात्र शोकगीत ;म्समहलद्ध ‘सरोज स्मृति’ ‘निराला’ की रचना है। (दुःख ही जीवन की...)

25     हिन्दी की पहली मुक्त छंद की कविता-‘जूही की कली’ (निराला) है।

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