हिन्दी साहित्य: स्मरणीय प्रमुख तथ्य-4

39     प्रतापनारायण मिश्र (संपादक-ब्राह्मण पत्रिका) ने ‘हिन्दी, हिन्दू, हिन्दुस्तान’ का नारा दिया।

40     प्रमचन्द का नामकरण ‘ज़माना’ पत्रिका के सम्पादक मुंशी दया नारायण निगम ने किया था।

41     प्रेमचन्द की पहली कहानी ‘पंच परमेश्वर’ तथा अन्तिम कहानी ‘कफ़न’ हैं। अन्तिम उपन्यास ‘गोदान’ है।

42     प्रेमचन्द का अपूर्ण उपन्यास ‘मंगलसूत्र’ है। प्रेमचन्द का वसीयतनामा ‘महाजनी सभ्यता’ है।

43     ‘उसने कहा था’ चन्द्रधर शर्मा गुलेरी की एकमात्र अमर कहानी है।

44     हिन्दी की प्रथम ‘मौलिक कहानी’ ‘इन्दुमती’ (किशोरीलाल गोस्वामी) है। प्रथम मौलिक उपन्यास ‘परीक्षा गुरु’ (श्रीनिवास दास)

45     मोहनदास (उदय प्रकाश) एकमात्र कहानी है, जिसे प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी सम्मान (2010) मिला है।

46     हिन्दी साहित्य के इतिहास का प्रथम व्यवस्थित ग्रंथ ‘आचार्य रामचन्द्र शुक्ल’ ने लिखा है।

47     हिन्दी का प्रथम सूफी कवि ‘मुल्ला दाऊद’ को माना जाता है।

48     गजानन माधव ‘मुक्तिबोध’ को ‘फेण्टेसी का कवि’ कहा जाता है।

49     हिन्दी का प्रथम प्रसिद्ध आँचलिक उपन्यास मैला आँचल (फणीश्वरनाथ रेणु) है।

50     वर्ष 2013 का प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार केदारनाथ सिंह (कवि) तथा ‘भारत-भारती’ सम्मान दूधनाथ सिंह (कथाकार) को दिया गया है।

51     ‘रिपोर्ताज’ (अंग्रेजी पर्याय.त्मचवतजपदह) विद्या के प्रवर्तक कन्हैया लाल मिश्र ‘प्रभाकर’ हैं।

52     दिनमान साप्ताहिक पत्र के प्रथम संस्थापक सम्पादक ‘अज्ञेय’ हैं।

53     ‘प्रसाद’ की प्रसिद्ध कहानी ‘पुरस्कार’ का नायक अरूण और नायिक मधुलिका है।

Posted on by