हाल ही में त्रिपल तलाक पर एक विधेयक को सरकार के द्वारा स्वीकृति प्रदान की गयी है। त्रिपल तलाक से सम्बंधित इस विधेयक के प्रमुख प्रावधानों का उल्लेख कीजिए। यह विधेयक किस प्रकार मुस्लिम महिलाओं के सम्मान एवं सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा?

सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा त्रिपल तलाक को पहले ही असंवैधानिक घोषित किया जा चुका है। हाल ही में केन्द्र सरकार ने भी त्रिपल तलाक पर एक विधेयक में त्रिपल तलाक अर्थात तलाक-ए-विद्दत को संज्ञेय एवं गैर जमानती अपराध बनाने का प्रावधान किया है।

उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा त्रिपल तलाक को असंवैधानिक घोषित करते हुए केन्द्र सरकार को इस सम्बंध में कानून बनाने का निर्देश दिया गया था। केन्द्र सरकार ने इसी निर्देश के अनुपालन में गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक मंत्रिमण्डलीय समिति का गठन किया था। उपर्युक्त विधेयक की रूपरेखा इसी समिति के द्वारा बनायी गयी है।

त्रिपल तलाक पर केन्द्र सरकार के विधेयक के प्रमुख प्रावधानः-

  • त्रिपल तलाक पर केन्द्र सरकार के द्वारा प्रस्तुत विधेयक का नाम ‘मुस्लिम वुमेन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज’ (Muslim women protection of Rights on marriage) रखा गया है। यह विधेयक जम्मू-कश्मीर के अलावा पूरे देश में लागू होगा।
  • इस विधेयक में एक बार में तीन तलाक की प्रक्रिया को पूर्णतः गैरकानूनी घोषित किया गया है। मौखिक, लिखित एवं इलेक्ट्रॅानिक सभी रूपों में तीन तलाक को गैर कानूनी बनाये जाने का प्रावधान किया गया है।
  • सरकार के द्वारा प्रस्तुत विधेयक सिर्फ त्रिपल तलाक अर्थात तलाक-ए-विद्दत के मामले में ही लागू होगा।
  • अपनी पत्नी को त्रिपल तलाक देने वाले व्यक्ति को तीन साल की सजा प्रदान किये जाने का प्रावधान किया गया है। साथ ही जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है।
  • जिन महिलाओं को पहले ही त्रिपल तलाक दिया जा चुका है उन महिलाओं के लिए गुजारा भत्ते का प्रावधान किया गया है। इन महिलाओं को नाबालिग बच्चों की कस्टडी पाने का भी अधिकार होगा।

केन्द्र सरकार का विधेयक किस प्रकार मुस्लिम महिलाओं के सम्मान एवं सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा?

  • प्रस्तावित विधेयक के लागू होने के पश्चात कोई भी व्यक्ति मनमाने तरीके से अपनी पत्नी को तलाक नहीं दे सकेगा। इससे महिलाओं को तलाक के पश्चात उत्पन्न होने वाली समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
  • उल्लेखनीय है कि महिलाओं को तलाक के पश्चात अनेक प्रकार की सामाजिक, आर्थिक एवं मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। चूँकि विधेयक में तलाक देने वाले पति के लिए सजा एवं जुर्माना दोनों का प्रावधान किया गया है अतः वह त्रिपल तलाक का प्रयोग करने से बचेगा। इससे वैवाहिक मामलों के शांतिपूर्ण निपटारे का भी मार्ग प्रशस्त होगा।
  • सबसे बढ़कर इस विधेयक में पूर्व में त्रिपल तलाक से पीड़ित महिलाओं के लिए गुजारा भत्ते का भी प्रावधान किया गया है। इससे इन महिलाओं को जीवन यापन में आने वाली समस्याओं से छुटकारा मिल सकेगा।

निष्कर्षः- निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि त्रिपल तलाक के संदर्भ में केन्द्र सरकार की पहल सराहनीय है। यह विधेयक निश्चित तौर पर मुस्लिम महिलाओं के सम्मान एवं सुरक्षा को सुनिश्चित करने में अहम साबित होगा।

सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा त्रिपल तलाक को पहले ही असंवैधानिक घोषित किया जा चुका है। हाल ही में केन्द्र सरकार ने भी त्रिपल तलाक पर एक विधेयक में त्रिपल तलाक अर्थात तलाक-ए-विद्दत को संज्ञेय एवं गैर जमानती अपराध बनाने का प्रावधान किया है।

उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा त्रिपल तलाक को असंवैधानिक घोषित करते हुए केन्द्र सरकार को इस सम्बंध में कानून बनाने का निर्देश दिया गया था। केन्द्र सरकार ने इसी निर्देश के अनुपालन में गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक मंत्रिमण्डलीय समिति का गठन किया था। उपर्युक्त विधेयक की रूपरेखा इसी समिति के द्वारा बनायी गयी है।

त्रिपल तलाक पर केन्द्र सरकार के विधेयक के प्रमुख प्रावधानः-

  • त्रिपल तलाक पर केन्द्र सरकार के द्वारा प्रस्तुत विधेयक का नाम ‘मुस्लिम वुमेन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज’ (Muslim women protection of Rights on marriage) रखा गया है। यह विधेयक जम्मू-कश्मीर के अलावा पूरे देश में लागू होगा।
  • इस विधेयक में एक बार में तीन तलाक की प्रक्रिया को पूर्णतः गैरकानूनी घोषित किया गया है। मौखिक, लिखित एवं इलेक्ट्रॅानिक सभी रूपों में तीन तलाक को गैर कानूनी बनाये जाने का प्रावधान किया गया है।
  • सरकार के द्वारा प्रस्तुत विधेयक सिर्फ त्रिपल तलाक अर्थात तलाक-ए-विद्दत के मामले में ही लागू होगा।
  • अपनी पत्नी को त्रिपल तलाक देने वाले व्यक्ति को तीन साल की सजा प्रदान किये जाने का प्रावधान किया गया है। साथ ही जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है।
  • जिन महिलाओं को पहले ही त्रिपल तलाक दिया जा चुका है उन महिलाओं के लिए गुजारा भत्ते का प्रावधान किया गया है। इन महिलाओं को नाबालिग बच्चों की कस्टडी पाने का भी अधिकार होगा।

केन्द्र सरकार का विधेयक किस प्रकार मुस्लिम महिलाओं के सम्मान एवं सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा?

  • प्रस्तावित विधेयक के लागू होने के पश्चात कोई भी व्यक्ति मनमाने तरीके से अपनी पत्नी को तलाक नहीं दे सकेगा। इससे महिलाओं को तलाक के पश्चात उत्पन्न होने वाली समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
  • उल्लेखनीय है कि महिलाओं को तलाक के पश्चात अनेक प्रकार की सामाजिक, आर्थिक एवं मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। चूँकि विधेयक में तलाक देने वाले पति के लिए सजा एवं जुर्माना दोनों का प्रावधान किया गया है अतः वह त्रिपल तलाक का प्रयोग करने से बचेगा। इससे वैवाहिक मामलों के शांतिपूर्ण निपटारे का भी मार्ग प्रशस्त होगा।
  • सबसे बढ़कर इस विधेयक में पूर्व में त्रिपल तलाक से पीड़ित महिलाओं के लिए गुजारा भत्ते का भी प्रावधान किया गया है। इससे इन महिलाओं को जीवन यापन में आने वाली समस्याओं से छुटकारा मिल सकेगा।

निष्कर्षः- निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि त्रिपल तलाक के संदर्भ में केन्द्र सरकार की पहल सराहनीय है। यह विधेयक निश्चित तौर पर मुस्लिम महिलाओं के सम्मान एवं सुरक्षा को सुनिश्चित करने में अहम साबित होगा।

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