66 रामविलास शर्मा ने ‘निराला’ को ‘अन्यतम मानवीय ‘करूणा’ और ‘वयस्क श्रृंगार का कवि’ कहा है।
67 मुक्तिबोध की कविताओं को ‘स्वाधीन भारत का इस्पाती दस्तावेज’ कहा जाता है।
68 महात्मा गाँधी ने अपनी आत्मकथा ‘सत्य के साथ मेरे प्रयोग’ अपनी मातृभाषा गुजराती में लिखा है।
69 रीतिकाल के प्रवर्तक आचार्य कवि केशवदास है।
70 ‘बिहारी सतसई’ हिन्दी की श्रेष्ठतम मुक्तक रचना है।
71 डाॅ0 नागेन्द्र ने साकेत को ‘जीवनदायी काव्य’ कहा है।
72 अवहट्ट भाषा का सर्वप्रथम प्रयोग विद्यापति (उपाधि- मैथिल कोकिल) ने कीर्तिलता में किया।
73 ‘प्रयोगवाद’ शब्द के प्रथम प्रयोगकर्ता आचार्य नन्द दुलारे वापजेयी हैं।
74 हिन्दी का प्रथम गीतिनाट्य करूणालय (प्रसाद) है।
75 भक्तिसूत्र के प्रणेता नारद मुनि है। (नारद भक्ति सूत्र)
76 ‘भक्ति’ शब्द का सर्वप्रथम उल्लेख श्वेताश्वर उपनिषद में है।
77 ‘शेखर: एक जीवनी’ (अज्ञेय) हिन्दी का सर्वप्रथम वैयक्तिक शैली में लिखित उपन्यास (आत्मकथात्मक उपन्यास) है।
78 आचार्य शुक्ल की दृष्टि में छायावाद का प्रथम प्रतिनिधि कवि सुमित्रानन्दन पंत है।
79 ‘नयी कविता’ का नामकरण ‘सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन अज्ञेय’ ने किया है।
80 हिन्दी की प्रथम लघु पत्रिका ‘नये पत्ते’ (सं0 लक्ष्मीकान्त वर्मा) है।
81 ‘निराला’ ने कविता को ‘जातीय छन्द’ कहा है।