82 ‘निराला’ की प्रसिद्ध प्रबन्धात्मक कविता ‘राम की शक्ति पूजा’ का बीज स्रोत कृतिवास कृत बांग्ला रामायण है।
83 निराला की की अन्तिम कविता ‘पत्रोत्कण्ठित जीवन का विष बुझ गया है’ है।
84 पाण्डेय बेचन शर्मा ‘उग्र’ को ‘प्रकृतिवादी उपन्यासकार’ कहा जाता है। (आत्मकथा-अपनी ख़बर)
85 शमशेर बहादुर सिंह को ‘कवियों का कवि’ तथा ‘दो- आब का कवि’ कहा जाता है। (अमन का राग, चूका भी हूँ नहीं मैं)
86 ‘बात बोलेगी, हम नहीं’ -शमशेर
87 शुक्ल जी ने बिहारी को ‘परमउत्कृष्ट’, घनानन्द को ‘साक्षात् रसमूर्ति’ तथा केशव को ‘हृदयहीन कवि’ कहा है।
88 हिन्दी साहित्य सम्मेलन (1910) के संस्थापक राजर्षि पुरूषोत्तम दास टण्डन है।
89 राजभाषा आयोग की स्थापना 1955 में बी0जी0 खेर की अध्यक्षता में हुई
90 साहित्य अकादमी (1953), संगीत नाटक अकादमी (1956) तथा राष्ट्रीय नाटक अकादमी (1959) भारत सरकार द्वारा स्थापित संस्थाएँ है।
91 ‘कैदी और कोकिला’ माखन लाल चतुर्वेदी (भारतीय आत्मा) की प्रसिद्ध कविता है। ?
92 दिनकर की रचना ‘उर्वशी’ को ‘कामाध्यात्म की कृति’ कहते है।
93 पन्त की छायावादी काव्य कृतियाँ हैं-पल्लव, वीणा, ग्रन्थि, गुंजन
94 निराला की छायावादी काव्यकृतियाँ-परिमल, रीतिका, अनामिका।
95 आधुनिक हिन्दी साहित्य में ‘छायावाद’ को स्वर्णयुग की संज्ञा दी जाती है।