हिन्दी साहित्य: स्मरणीय प्रमुख तथ्य -9

111    ‘संचेतना’ पत्रिका के सम्पादक महीप सिंह (कथाकार) हैं। (महीप सिंह ‘संचेतन कहानी आन्दोलन) के प्रवर्तक हैं।

112    रवीन्द्र कालिया ने गंगा-जमुना, वागर्थ तथा ज्ञानोदय पत्रिका का सम्पादन किया।

113    ‘पहल’ (जबलपुर) ज्ञानरंजन द्वारा सम्पादित पत्रिका है।

114    तद्भव (लखनऊ) कहानी केन्द्रित पत्रिका है। इसके सम्पादक अखिलेश है।

115    हिन्दी साहित्येतिहास की नवीनतम प्रवृतियाँ-आदिवासी विमर्श (दलित विमर्श, नारी विमर्श, साब्लर्टन लेखन आदि)

116    1955 में ‘कहानी’ पत्रिका का प्रकाशन प्रारम्भ हुआ।

117    डाॅ0 नामवर सिंह ने ‘परिन्दे’ को हिन्दी की नई प्रथम कहानी कहा है। -निर्मल वर्मा

118    विश्वविद्यालय के छात्र राजनीति एवं आन्तरिक द्वन्द्व को केन्द्र में रखकर लिखा गया हिन्दी का एकमात्र उपन्यासकार-‘अपना मोर्चा’ (काशीनाथ सिंह) है।

119    ‘दो मूर्दो के लिए गुलदस्ता’ (सुरेन्द्र वर्मा) ‘पुरूष समलैंगिकता’ की प्रवृत्ति पर  आधारित हिन्दी की एकमात्र उपन्यास है।

120    राजेन्द्र यादव, मोहन राकेश और कमलेश्वर (नये कहानियों) को ‘करबाई जीवन का कहानीकार’ कहा जाता है।

121    समकालीन कहानी आन्दोलन के प्रवर्तक डाॅ0 गंगा प्रसाद विमल है।

122    डाॅ0 नामवर सिंह ने निर्मल वर्मा (एक और शुरूआत) को अकहानी आन्दोलन का प्रवर्तक कहा है।

123    ‘समानान्तर कहानी आन्दोलन’ के सूत्रधार कमलेश्वर है।

124    ‘धर्मयुग’ और ‘सारिका’ प्रतिद्वन्द्वी (वैचारिणी की दृष्टि) से पत्रिकाएँ हैं।

125    उपेक्षा समकालीन दलित विमर्श की उल्लेखनीय पत्रिका है।   
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