भौतिकी और मानवता
भौतिकी एक मूलभूत विज्ञान है जिसके नियमों का उपयोग सभी प्रौद्योगिकियों तथा विज्ञान की अन्य सभी शाखाओं में किया जाता है। एक ओर जहां भौतिकी ने मानव को सभी प्रकार की भौतिक सुख-सुविधाओं से सम्पन्न किया है वहीं दूसरी ओर भौतिकी विश्व के अनेक रहस्यों की सफल व्याख्या करके मानव को जीवन के दार्शनिक पक्ष को समझने में भी सहायता की है।
भौतिकी के रचनात्मक स्वरूर के साथ-साथ अब इसका बड़े पैमाने पर दुरूपयोग भी हो रहा है। भौतिकी की सहायता से मानव ने परमाणु बम हाइड्रोजन बम,न्यूट्रॉन बम आदि घातक हथियार बना लिए है,जिनकी सहायता से वह मानवता को समाप्त कर सकता है। अतः सभी वैज्ञानिकों का यही प्रथम प्रयास रहना चाहिए कि भौतिकी का उपयोग केवल मानवता की भलाई तथा मानव जीवन को सुखी बनाने के लिए किया जाये, उसे समाप्त करने में नहीं। भौतिकी के महत्व को दो दृष्टियों से देखा जाना चाहिएः
- भौतिक देन-रेडियो, टेलीफोन, टेलीविजन,विद्युत मोटर,अन्तर्दहन इंजन,रंगीन फोटोग्राफी,सिनेमा,कैल्कुलेटर,कम्प्यूटर,ऑप्टिकल फाइबर,लेसर,होलोग्राफी,कृत्रिम उपग्रह,मानव द्वारा चन्द्र-यात्रा आदि महत्वपूर्ण देन हैं।
- दार्शनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण भौतिकी की कुछ खोजें-
- विश्व की उत्पत्ति का बिग-बैग सिद्धान्त।
- विश्व का विकास कुछ निश्चित प्राकृतिक नियमों के आधार पर हो रहा है।
- ऊर्जा, द्रव्य में तथा में तथा द्रव्य,ऊर्जा में परिवर्तनीय है।
- विश्व में एक भी कण निरपेक्ष रूप से स्थिर (Absolutely at rest ) नहीं है सभी गतियां आपेक्षिक (relative) हैं।
- प्रत्येक भौतिक निकाय (Physical system) न्यूनतम ऊर्जा की स्थित में आना चाहता है।
- प्रत्येक कण घनीभूत (Condensed) तरंग पुंज है और उसका द्रव्यमान (mass) घनीभूत ऊर्जा है।
- अनिश्चितता का सिद्धान्त (Uncertainty Principle) ।
विशेष :-
'भौतिकी शुध्द प्राकृतिक ज्ञान है। इस्का सदुपयोग या दुरुपयोग करना मानव के विवेक पर निर्भर करता है।'