कुछ माह पूर्व चीन के शियामेन में ब्रिक्स की 9वीं वार्षिक बैठक का आयोजन किया गया। ज्ञातव्य है कि ब्रिक्स ( BRICS) पांच देशों का संगठन है जिसकी प्रथम वार्षिक बैठक वर्ष 2009 में रूस के येकेटिरेनबर्ग में हुयी थी।
चीन में आयोजित इस नवीं वार्षिक शिखर बैठक में आतंकवाद के सम्बंध में भारत को उस समय महत्वपूर्ण सफलता मिली जब सभी पाँचों देशों ने पाकिस्तान आधारित आतंकी समूहों मसलन जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, हक्कानी नेटवर्क का न सिर्फ नाम लिया बल्कि कठोर शब्दों में आलोचना भी की।
इस शिखर बैठक में ब्रिक्स आउटरीच कार्यक्रम के तहत चीन ने मिस्र देश को आमंत्रित किया। साथ ही केन्या, मेक्सिको, ताजिकिस्तान, तथा थाईलैण्ड को इस बैठक में मेहमान के रूप में आमंत्रित किया गया।
ब्रिक्स (BRICS) की 9वीं शिखर बैठक के दौरान हस्ताक्षरित चार प्रमुख दस्तावेजः
- ब्रिक्स देशों के बीच द्विपक्षीय आर्थिक एवं व्यापारिक सम्बंधो को मजबूत बनाने के लिए आर्थिक एवं व्यापारिक सहयोग के लिए ब्रिक्स एक्शन एजेण्डे (BRICS ACTION AGENDA) पर हस्ताक्षर किये गये।
- सदस्य देशों में नवाचार की उन्नति के लिए वर्ष 2017 से वर्ष 2020 के लिए नवाचार सहयोग पर ब्रिक्स एक्शन योजना को अंतिम रूप प्रदान किया गया।
- तीसरा प्रमुख दस्तावेज ‘ब्रिक्स कस्टम सहयोग’ (BRICS COSTOM COOPERATION) का रणनीतिक प्रफेमवर्क था। इस दस्तावेज पर भी सभी सदस्य देशों ने हस्ताक्षर किये।
- चतुर्थ प्रमुख दस्तावेज एक सहमति पत्र था जिसे सामरिक सहयोग के लिए ‘ब्रिक्स व्यापार परिषद्’ एवं ‘न्यू डेवलपमेंट बैंक के बीच हस्ताक्षरित किया गया।
ब्रिक्स संगठन वैश्विक मामलों को किस प्रकार प्रभावित करने की क्षमता रखता है?
- ‘ब्रिक्स’ के पाँच सदस्य राष्ट्र मिलकर तकरीबन 41 प्रतिशत वैश्विक आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं तथा वैश्विक जीडीपी का 22 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं। इस प्रकार ‘ब्रिक्स’ संगठन वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
- ‘ब्रिक्स’ के पाँचों सदस्य राष्ट्र जी-20 के भी सदस्य हैं अतः ये देश जी-20 जैसे सशक्त संगठन को प्रभावित करने की महत्वपूर्ण क्षमता रखते हैं।
- वर्तमान सयम में वैश्विक स्तर पर आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन तथा काला धन (Black Money) जैसी अहम समस्यायें विद्यमान हैं। ‘ब्रिक्स’ के सदस्य राष्ट्र इन समस्याओं से निपटने के लिए वैश्विक जनमत को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं।
- ब्रिक्स में रूस एवं चीन जैसे राष्ट्र भी शामिल हैं जो सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य हैं। इस प्रकार ब्रिक्स संगठन संयुक्त राष्ट्र संघ को भी प्रभावित करने की सामर्थ्य रखता है।
निष्कर्षः- निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि ब्रिक्स संगठन की 9 वीं वार्षिक बैठक सकारात्मक परिणामों से युक्त रही। ब्रिक्स संगठन वैश्विक मामलों को गहराई से प्रभावित करने की सामर्थ्य रखता है।