पर्माकल्चर कृषि से सम्बंधित है। यह दो शब्दों पर्मा एवं कल्चर से मिलकर बना है। पर्मा से तात्पर्य स्थायी एवं कल्चर से तात्पर्य कृषि से है अर्थात पर्माकल्चर का अर्थ स्थायी कृषि से है।
पर्माकल्चर शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग डेविड हॉमग्रेन एवं बिल मॉलिसन नामक आस्ट्रेलियाई विद्वानों के द्वारा किया गया था।
पर्माकल्चर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके अंतर्गत परम्परागत कृषि प्रणाली के साथ-साथ नवीनतम कृषि प्रणालियों का प्रयोग किया जाता है। सबसे बढ़कर इसका डिजायन इस प्रकार से तैयार किया गया है जिससे छोटे किसान भी इस कृषि पद्धति से बेहतर ढ़ंग से लाभान्वित हो सके। हाल ही में 13वाँ विश्व पर्माकल्चर सम्मेलन तेलंगाना में आयोजित किया गया। उल्लेखनीय है कि विश्व पर्माकल्चर सम्मेलन प्रत्येक 2 वर्ष के अंतराल में आयोजित किया जाता है।
पर्माकल्चर के प्रमुख लाभः
- पर्माकल्चर एक सत्त कृषि पद्धति है जिसके तहत पर्यावरण संरक्षण एवं जैवविविधता को बनाये रखने को प्राथमिकता प्रदान की जाती है।
- वस्तुतः पर्माकल्चर का ध्येय पर्यावरण को बिना नुकसान पहुँचाये मानवीय आवश्यकताओं की पूर्ति करना है।
- पर्माकल्चर के अंतर्गत जिन चीजों की आवश्यकता होती है उन सभी का उत्पादन खेतों में ही किया जाता है बाहर से कोई निवेश नहीं करना पड़ता है। इससे किसानों को कम लागत में अधिकतम उत्पादन प्राप्त होता है।
- पर्माकल्चर के अंतर्गत किसी रासायनिक उर्वरक की जरूरत नहीं होती है क्योंकि खेत स्वयं उर्वरक का उत्पादन करता है।
- पर्माकल्चर के अंतर्गत हर मौसम में उत्पन्न होने वाले पौधें को उगाया जाता है। इस प्रकार बारहमासी पौधों के रोपण से श्रम की बचत होती है।
- सबसे बढ़कर पर्माकल्चर खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ खाद्य उत्पादन की विविधता, बीजों की सुरक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण पर भी बल देता है।
पर्माकल्चर के मामले में भारत की स्थितिः-
- भारत में कृषि का इतिहास काफी पुराना है। नवपाषाण काल में ही भारत में कृषि की शुरूआत हो गयी थी। आगे वैदिककाल में पर्माकल्चर को महत्व प्रदान किया गया।
- आज भी देश के कई गाँवों में परम्परागत तरीके से कृषि की जाती है। इन परम्परागत तरीकों में हल एवं बैल का प्रयोग किया जाता है तथा फसल के एक हिस्से को ही बीज के रूप में आगामी फसल के लिए सुरक्षित रख लिया जाता है। परम्परागत तरीके से की जाने वाली इस कृषि को पर्माकल्चर के अंतर्गत रखा जाता है।
- सुभाष पालेकर की जीरो बजट फार्मिंग भी इसी पर्माकल्चर का एक रूप है। ज्ञातव्य है कि जीरो बजट फार्मिंग के अंतर्गत पशुओं के गोबर एवं मूत्र को ही उर्वरक के रूप में प्रयोग किया जाता है तथा किसी भी रासायनिक उर्वरक का प्रयोग नहीं किया जाता है। सबसे बढ़कर भारत सरकार स्वयं जैविक कृषि को प्रोत्साहित कर रही है।
निष्कर्षः- निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि पर्माकल्चर से तात्पर्य स्थायी एवं सत्त कृषि से है। यह पर्यावरण को संरक्षित रखते हुए खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करती है। सबसे बढ़कर भारत में पर्माकल्चर का प्रचलन वैदिककाल से है।