बायोडीजल के विषय में आप क्या जानते हैं? बायोडीजल की विभिन्न पीढ़ियों का उल्लेख कीजिए। बायोडीजल के सम्बंध में भारत सरकार की राष्ट्रीय नीति का उल्लेख कीजिए। साथ ही बताइए कि बायोडीजल के उपयोग से कौन से प्रमुख लाभ सामने आ सकते हैं?

बायोडीजल जीवाश्म ईंधन मसलन पेट्रोल एवं डीजल से पूर्णतः अलग होता है। बायोडीजल का निर्माण वनस्पति तेल के परिष्करण से किया जाता है। उदाहरण के तौर पर सोयाबीन, कपास बीज, जट्रोफा, कार्न तथा शैवालों आदि का ट्रांसएस्टरीफिकेशन विधि् से परिष्करण कर बायोडीजल का निर्माण किया जाता है। वस्तुतः बायोडीजल का उत्पादन न्यूनतम लागत पर सामान्य जैवरासायनिक प्रक्रिया से किया जाता है।

बायोडीजल की विभिन्न पीढ़ियाँ:

  • वैज्ञानिकों के द्वारा अभी तक बायोडीजल की तीन विभिन्न पीढ़ियों को सामने रखा गया है।
  • बायोडीजल की प्रथम पीढ़ी के अंतर्गत वनस्पति तेल, खाद्य तेल, चर्बी आदि से बायोडीजल का निर्माण किया जाता है।
  • बायोडीजल की द्वितीय पीढ़ी के अंतर्गत लिग्नो- सेल्यूलॉजिक जैव पदार्थ, लकड़ी तथा कृषि अवशिष्ट आदि से बायोडीजल का निर्माण किया जाता है।
  • जबकि शैवाल से परिष्कृत बायोडीजल को तीसरी पीढ़ी के बायोडीजल के रूप में परिभाषित किया जाता है।

बायोडीजल के संम्बध में भारत सरकार की राष्ट्रीय नीतिः

  • सितम्बर 2006 में तत्कालीन सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय उफर्जा मंत्रालय के द्वारा जैव ईंधन पर ‘राष्ट्रीय नीति’ को स्वीकृत किया गया था।
  • इस राष्ट्रीय नीति के अनुसार, 2017 से जैव ईंधन के रूप में 20 प्रतिशत मिश्रण के लिए बायोइथेनॉल और बायोडीजल प्रस्तावित किया गया था।
  • राष्ट्रीय नीति में प्रावधान किया गया था कि सामुदायिक, सरकारी, जंगली, बंजर भूमि पर जैव ईंधन से सम्बंधित पौधरोपण को बढ़ावा दिया जायेगा तथा व्यर्थ, डिग्रेडेड एवं सीमान्त भूमि में उत्पन्न होने वाले अखाद्य तेल बीजों से बायोडीजल का उत्पादन किया जायेगा।
  • इस राष्ट्रीय नीति में स्पष्ट किया गया था कि उत्पादकों को उचित मूल्य प्रदान करने के लिए जैव ईंधन तेल बीजों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया जायेगा।
  • इसके तहत यह भी स्पष्ट किया गया था कि बायोडीजल पर कोई शुल्क नहीं लगाया जायेगा। सरकार ने उम्मीद जतायी थी कि वर्ष 2022 तक जैव ईंधन का कारोबार 50,000 करोड़ रुपये तक पहुँच जायेगा।

बायोडीजल के उपयोग से होने वाले प्रमुख लाभः

  • बायोडीजल जीवाश्म ईंधन की तुलना में अधिक सस्ता है तथा पर्यावरण के लिए भी कोई हानिकारक प्रभाव नहीं उत्पन्न करता है।
  • जीवाश्म ईंधन से उत्सर्जित पार्टिकुलेट मैटर मानव स्वास्थ्य को गंभीर हानि पहुँचाते हैं। बायोडीजल के प्रयोग से इस कुप्रभाव से मनुष्य को बचाया जा सकता है।
  • बायोडीजल को वैश्विक स्तर पर प्रचारित करने एवं इसके विभिन्न आयामों पर विचार विमर्श के लिए 6-7 दिसम्बर, 2017 को अमेरिका के टेक्सास में ‘द्वितीय विश्व बायोडीजल कांग्रेस एवं एक्सपों’ का आयोजन किया गया।

निष्कर्षः- निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि बायोडीजल एक किफायती एवं पर्यावरण हितैषी ईंधन बायोडीजल मे सम्बंध में सरकार की राष्ट्रीय नीति का उद्देश्य इसके प्रयोग को अधिकाधिक बढ़ावा देना है।

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