एग्रो टूरिज्म क्या है, सविस्तार स्पष्ट कीजिए? भारत में एग्रो टूरिज्म की सर्वप्रथम शुरुआत कहां से हुयी? साथ ही बताइए कि किसानों की आय बढ़ाने मे एग्रो टूरिज्म किस प्रकार सहायक हो सकता है?

एग्रो टूरिज्म Agro Tourism) से तात्पर्य कृषि पर्यटन से है। एग्रो टूरिज्म के तहत कृषि से सम्बंधित गतिविधियों एवं कृषि की प्राचीन विरासत को पर्यटकों के समक्ष मनोरंजक तरीके से प्रस्तुत किया जाता है। इसके तहत पर्यटकों को खेतों के बीच जाकर प्राकृतिक माहौल में फसलों एवं उनके उत्पादों को देखने एवं प्रयोग करने का अवसर प्राप्त होता है।

            सर्वप्रथम वैश्विक स्तर पर एग्रो टूरिज्म की शुरुआत इटली में 1890 में हुयी। इटली में इसे एग्रो टूरिज्म नाम दिया गया। वर्तमान में एग्रो टूरिज्म का तेजी से विस्तार हो रहा है। ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी अमेरिका एवं एशिया में यह तेजी से विस्तृत हो रहा है तथा किसानों की आय के लिए अतिरिक्त अवसर प्रदान कर रहा है।

भारत में एग्रो टूरिज्म की शुरुआत

  • भारत में एग्रो टूरिज्म की सर्वप्रथम शुरुआत वर्ष 2004 में महाराष्ट्र से हुयी। सर्वप्रथम महाराष्ट्र के बारामती में कृषि पर्यटन केन्द्र की शुरुआत की गयी। बाद में बारामती कृषि पर्यटन केन्द्र को राष्ट्रपति के द्वारा पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
  • इसी प्रकार महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में चार युवाओं ने 15 हेक्टेयर भूमि में स्टार्ट अप के रूप में कृषि पर्यटन केन्द्र की शुरुआत की।
  • हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों को सेब के बागानों में घूमने, रहने, खाने एवं सेब को तोड़कर पैंकिंग आदि गतिविधियों को प्रत्यक्षतः दिखाने के लिए पहले से बुकिंग की जाती है।
  • इसी प्रकार हरियाणा राज्य के द्वारा भी एग्रो टूरिज्म की शुरुआत की गयी है। हरियाणा में सरकार के द्वारा कई जगहों पर किसानों को एग्रो टूरिज्म की अनुमति प्रदान की गयी है।
  • एग्रो टूरिज्म डेवलपमेंट कार्पोरेशन ऑफ इण्डिया (ATDC) के द्वारा वर्ष 2014 के अंत तक भारत के 200 से अधिक किसानों एवं उनके फार्मों को एग्रो टूरिज्म की अनुमति दी जा चुकी है।

किसानों की आय बढ़ाने में एग्रो टूरिज्म किस प्रकार सहायक हो सकता है?

  • एग्रो टूरिज्म के तहत किसानों के खेतों में भ्रमण करने एवं रूकने के लिए पर्यटकों को भुगतान करना पड़ता है। इससे किसानों को कृषि की आय के अतिरिक्त पर्यटकों से भी आय प्राप्त होती है।
  • वर्तमान समय में पर्यटकों एवं उपभोक्ताओं का रूझान कृषि एवं खाने में प्रयुक्त वस्तुओं की ओर बढ़ रहा है। यही कारण है कि इन वस्तुओं के उत्पादन स्थलों को वास्तविक रूप में देखने के लिए वे उत्सुक होते हैं। यह उत्सुकता उन्हें एग्रो टूरिज्म की ओर ले जाती है जो किसानों की आय का अतिरिक्त साधन बनता है।
  • सबसे बढ़कर एग्रो टूरिज्म के अंतर्गत पर्यटकों के द्वारा किसानों के उत्पादों को सीधे खरीदा भी जाता है जिससे भी उनको आय हेाती है।
  • भारत सरकार स्वयं एग्रो टूरिज्म को बढ़ावा दे रही है। ज्ञातव्य है कि भारत सरकार के द्वारा वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

निष्कर्षतः- कहा जा सकता है कि एग्रो टूरिज्म सीधे तौर पर पर्यटकों को कृषि से जोड़ता है। साथ ही यह किसानों के लिए खेती से होने वाली आय के अतिरिक्त आजीविका के नये स्त्रोत उपलब्ध कराता है।

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