इन्वेस्ट इंडिया नामक एजेंसी का सृजन वर्ष 2009 में भारतीय प्रधानमंत्री के द्वारा दूरगामी लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए किया गया। इसके सृजन के पीछे महत्वपूर्ण उद्देश्य भारत को एक निवेशक अनुकूल राष्ट्र में परिवर्तित कर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का प्रमुख गंतव्य स्थल बनाना है। साथ ही देश में निवेशकों के मार्ग में आने वाली समस्याओं को दूर कर लाल फीताशाही को समाप्त करना भी इसके सृजन के पीछे अहम उद्देश्यों में से एक है।
इन्वेस्ट इंडिया की 110 सदस्यीय टीम में कई पूर्व निवेश बैंकरों के साथ-साथ गोल्डमैन सैक्स, मेकिंजी तथा बेन एंड कंपनी जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं से जुड़े प्रबंधन सलाहकार शामिल है। सबसे बढ़कर इन्वेस्ट इंडिया के प्रत्येक कर्मचारी ने वेतन को प्राथमिकता न देकर राष्ट्रहित एवं राष्ट्र निर्माण को अधिक महत्व प्रदान किया है। इस प्रकार इन्वेस्ट इंडिया का गठन सरकार के भीतर उद्यमशीलता की एक अनूठी मिसाल है।
निवेशकों के अनुकूल माहौल सृजित करने एवं निवेश को आकर्षित करने में इन्वेस्ट इंडिया की भूमिकाः
- इन्वेस्ट इंडिया सम्बंधित हितधारकों के साथ निवेशकों के लिए व्यासायिक माहौल को सरल बनाकर व्यवस्थित तरीके से देश में निवेश के माहौल को परिवर्तित कर रहा है।
- इन्वेस्ट इंडिया के विशेषज्ञ निवेश करने से पहले की प्रक्रिया से निवेश करने के बाद की प्रक्रिया तक निवेशकों की मदद करते हैं।
- इसी प्रकार इन्वेस्ट इंडिया से सम्बंधित विशेषज्ञ बाजार में प्रवेश की रणनीति से लेकर, गंभीर उद्योग विश्लेषण, भागीदारी तलाश करने और नीति-निर्माताओं के साथ नीतिगत पैरोकारी सहित विभिन्न मंच उपलब्ध कराते हैं।
- इन्वेस्ट इंडिया ने अपने प्रयासों से अभी तक 80 अरब डॉलर से अधिक के निवेश को सुगम बनाया है। इसमें 300 मामले शामिल हैं जिनमें सात लाख लोगों को रोजगार प्रदान करने की क्षमता है।
- सबसे बढ़कर इन्वेस्ट इंडिया ने 7.4 अरब डॉलर के वास्तविक निवेश को लाने का कार्य किया है जिसके कारण तकरीबन एक लाख प्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन हुआ है।
- इस प्रकार इन्वेस्ट इंडिया के महत्वपूर्ण प्रयासों से आज हम सरकार के विभिन्न स्तरों पर एक नवीन निवेशक मित्रतापूर्ण माहौल को देख सकते हैं।
स्टार्ट अप को बढ़ावा देने में इन्वेस्ट इंडिया का योगदानः
- सरकार के द्वारा इन्वेस्ट इंडिया के अंतर्गत स्टार्ट अप इंडिया की पहल की गयी। कई घरेलू स्टार्ट अप्स को इन्वेस्ट इंडिया के द्वारा सहायता प्रदान की गयी जिससे स्टार्ट अप्स का जीवन ही बदल गया।
- उदाहरण के तौर पर सागर डिफेंस नामक स्टार्ट अप को लिया जा सकता है। इन्वेस्ट इंडिया की टीम ने सागर डिफेंस की सभी प्रकार की मदद की। आज सागर डिफेंस की गणना भारत एवं विश्व के सबसे सफल स्टार्ट अप के रूप में की जाती है। सागर डिफेंस के द्वारा मानवरहित नौसेनिक निगरानी पोत की तकनीकी विकसित की गयी।
- इन्वेस्ट इंडिया के प्रयासों से भारत में ईज ऑफ डूइंग बिजिनेस की स्थिति में काफी सुधार आया है। विश्व बैंक की ईज ऑफ डूंइग बिजिनेस रिपोर्ट में भारत को 130वें स्थान से सीधे 100वें स्थान में लाने में इन्वेस्ट इंडिया की अहम भूमिका है।
निष्कर्षतः- कहा जा सकता है कि इन्वेस्ट इंडिया उद्यमशीलता के क्षेत्र में एक अनोखी मिसाल है। इसने निवेशकों के अनुकूल माहौल सृजित करने तथा निवेश को आकर्षित करने में अहम भूमिका अदा की है। सबसे बढ़कर इसने स्टार्ट अप्स को भी समर्थन प्रदान कर उन्हें नया जीवन दिया है।