ग्रामीण पर्यटन की शुरुआत काफी पहले हो चुकी हैं, किंतु एक उद्योग के रूप में ग्रामीण पर्यटन को वर्तमान समय में काफी बढ़ावा दिया जा रहा है। भारत के विभिन्न राज्यों की सरकारें ग्रामीण पर्यटन को प्राथमिकता प्रदान कर रही है क्योंकि यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण होने के साथ रोजगार उपलब्ध कराने में भी अहम योगदान कर रहा है।
ग्रामीण पर्यटन के अंतर्गत प्रमुखतः दो प्रकार की गतिविधियां शामिल की जाती है। प्रथम गतिविधि के अंतर्गत फार्म टूरिज्म को शामिल किया जाता है। फार्म टूरिज्म से तात्पर्य कृषि से सम्बंधित गतिविधियों एवं तौर तरीकों से पर्यटकों को परिचित कराना है। द्वितीय गतिविधि के तहत पर्यटक ग्रामीण जनजीवन को महसूस करते हैं।
ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने से ग्रामीण आधारभूत ढांचे पर पड़ने वाला प्रभावः
- ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने से सम्बंधित गांवों में उन समस्त आधारभूत सुविधाओं का विकास होता है जो पर्यटकों के लिए जरूरी होती है।
- उदाहरण के तौर पर पर्यटकों के लिए समुचित परिवहन, रहने, खाने आदि की सुविधा का होना आवश्यक है। पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्वतः ही इन सुविधाओं की ओर सरकार एवं स्थानीय प्रशासन का ध्यान केन्द्रित होने लगता है।
- जब किसी गांव को पर्यटन के केन्द्र के रूप में चयनित किया जाता है तो सिर्फ उसी गांव में आधारभूत ढांचे का विकास नहीं होता है बल्कि उस गांव को शहर से जोड़ने वाले रास्ते में पड़ने वाले सभी गांवों एवं कस्बों का विकास होता है।
ग्रामीण पर्यटन का सामाजिक प्रभावः
- ग्रामीण पर्यटन सम्बंधित गांव को बाहरी विश्व से जोड़ने का कार्य करता है। इससे ग्रामीणों के मानसिक क्षितिज का विस्तार होता है।
- ग्रामीण पर्यटन के माध्यम से विदेशी पर्यटक ग्रामीणों के तौर तरीकों का अवलोकन करते हैं। साथ ही उनके तौर-तरीकों से ग्रामीण भी प्रभावित होते हैं। इस प्रकार दोनों के बीच पारस्परिक सामंजस्य को बढ़ावा मिलता है।
ग्रामीण पर्यटन का आर्थिक प्रभावः
- ग्रामीण पर्यटन से लोगों को अपनी आय बढ़ाने के अतिरिक्त अवसर प्राप्त हो जाते हैं। इसका कारण यह है कि पर्यटन को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा क्षेत्र से सम्बंधित अनेक रोजगारों का सृजन होता है।
- ग्रामीण पर्यटन में वृद्धि होने से पर्यटकों की विभिन्न जरूरतों को पूरा करने के लिए अनेक रोजगारपरक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।
- सबसे बढ़कर पर्यटन का केन्द्र बनने वाले गांव में ग्रामीण लोग बहुत ही कम निवेश में अपने लिए रोजगार के अवसर सृजित कर सकते हैं।
ग्रामीण पर्यटन का सांस्कृतिक प्रभावः
- ग्रामीण क्षेत्र में आने वाले विदेशी एवं शहरी क्षेत्रों के पर्यटकों की संस्कृति अलग होती है। इसी प्रकार गांवों के लोगों की संस्कृति भी उनसे अलग होती हैं ग्रामीण पर्यटन इन संस्कृतियों के बीच सामंजस्य का माध्यम बनता है।
- ग्रामीण क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का प्रचार-प्रसार होता है जिससे उसे वैश्विक पहचान मिलती है।
- सबसे बढ़कर ग्रामीण पर्यटन से न सिर्फ ग्रामीणों के सामाजिक-सांस्कृतिक दायरे का विस्तार हेाता है बल्कि पर्यटक भी उस गांव की संस्कृति मसलन, लोकभाषा, रहन-सहन, संगीत आदि को अपने साथ लेकर वापस लौटते है।
निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि ग्रामीण पर्यटन से पर्यटकों को गांवों के नजदीक आने का मौका मिलता है। इससे न सिर्फ सम्बंधित क्षेत्र के आधारभूत ढांचे में वृद्धि होती है बल्कि सामाजिक आर्थिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में भी गहरा प्रभाव पड़ता है।