- लोगों के कार्य ही उन्हें अच्छे अथवा बुरे की श्रेणी में शामिल करते हैं। यदि कोई व्यक्ति जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से कार्य करता है तो वह जानता है कि उसके कृत्य स्वयं उसके लिए और समाज के लिए क्या अहमियत रखते हैं।
यदि कोई व्यक्ति जिम्मेदार है तो वह स्वयं ऐसे कृत्य करेगा जो समाज के हित में है। वह कानून से निर्देशित न होकर अपनी अंतरात्मा के आधार पर नैतिक कृत्यों का चयन करता है। उदाहरण के तौर पर यदि कोई व्यक्ति एक बीमार एवं असहाय व्यक्ति की मदद कर देता है तो वह यह कार्य अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को समझते हुए ही करता है। किसी बीमार एवं असहाय व्यक्ति की मदद करने के लिए कोई कानून उस व्यक्ति को निर्देशित नहीं करता है फिर भी चूंकि वह जिम्मेदार है अतः इस कार्य को करता है।
दूसरी ओर जो गैर जिम्मेदार लोग होते हैं वे कानून के होने पर भी ऐसा रास्ता ढूंढ लेते हैं ताकि वे गलत कार्य कर सकें। उदाहरण के तौर पर सिविल सेवकों के लिए एक आचरण संहिता बनायी गयी है जिसके अनुसार ही सिविल सेवकों को कार्य करना होता है। किंतु बहुत ही कम सिविल सेवक हैं जो इस पर अमल करते हैं। गैर जिम्मेदार सिविल सेवक बचने का रास्ता तलाश करते हैं और भ्रष्टाचार में लिप्त होते हैं।
इस प्रकार स्पष्ट है कि अच्छे लोगों के लिए जिम्मेदारीपूर्ण ढंग से कार्य करने के लिए किसी कानून की जरूरत नहीं होती है जबकि बुरे लोग गलत कार्य के लिए कानून के बीच से ही रास्ता निकाल लेते हैं।