आप नगर पालिका परिषद् के निर्माण विभाग में अधिशासी अभियंता पद पर तैनात है और वर्तमान में एक ऊपरगामी पुल (Flyover) के निर्माण-कार्य के प्रभारी है। आपके अधीन दो कनिष्ठ अभियंता है, जो प्रतिदिन के निर्माण-स्थल के निरीक्षण के लिए उत्तरदारी है तथा आपको विवरण देते हैं कि आप विभाग के अध्यक्ष, मुख्य अभियंता को रिपोर्ट देते हैं। निर्माण-कार्य पूर्ण होने को है और कनिष्ठ अभियंता नियमित रूप से यह सूचित करते रहे हैं कि निर्माण-कार्य परिकल्पना के विनिर्देशों के अनुरूप हो रहा है। लेकिन आपने अपने आकस्मिक निरीक्षण में कुछ गंभीर विसामान्यताएँ व कमियाँ पाई, जो आपके विवेकानुसार पुल की सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है। इस स्तर पर इन कमियों को दूर करने में काफी निर्माण-कार्य को गिराना और दोबारा बनाना होगा जिससे ठेकेदार को निश्चित हानि होगी और कार्य समाप्ति में विलम्ब भी होगा। क्षेत्र में भारी ट्रैफिक जाम के कारण परिषद् पर निर्माण शीघ्र पूरा करने के लिए जनता का बड़ा दबाव है। जब आप स्थिति मुख्य अभियंता के संज्ञान में लाए, तो उन्हेांने अपने विवेकानुसार इसको बड़ा गंभीर दोष न मानकर इसे उपेक्षित करने की सलाह दी। उन्होंने परियोजना को समय में पूरा करने हेतु कार्य को आगे बढ़ाने के लिए कहा। परन्तु आप आश्वस्त हैं कि यह गंभीर प्रकरण है जिससे जनता की सुरक्षा प्रभावित हो सकती और इसको बिना ठीक कराए नहीं छोड़ा जा सकता। ऐसी स्थिति में आपके करने के लिए कुछ विकल्प निम्नलिखित हैं। इनमें से प्रत्येक विकल्प का गुण-दोष के आधार पर मूल्यांकन कर अन्ततः सुझाव दीजिए कि आप क्या कार्यवाही करना चाहेंगे और क्यों। (a) मुख्य अभियंता की सलाह मानकर आगे बढ़ जाएँ।

यह मामला प्रशासनिक दायित्वों के ईमानदारीपूर्वक निर्वहन एवं व्यापक जनहित से सम्बंधित है। यदि मुख्य अभियंता की सलाह मानकर मैं आगे बढ़ जाता हूँ तो जनहित की अनदेखी होगी और यदि जनहित एवं स्वयं के दायित्वों को ध्यान में रखा जाता है तो उससे निर्मित पुल के बड़े हिस्से को गिराना होगा।

  1. इस मामले से सम्बंधित प्रथम विकल्प के गुण एवं दोषः

गुणः यदि मुख्य अभियंता की सलाह मानकर आगे बढ़ने का निर्णय लिया जाता है तो उसे कर्त्तव्य के दृष्टिकोण से उचित माना जायेगा क्योंकि मुख्य अभियंता पदानुक्रम में मुझसे ऊपर है। सबसे बढ़कर इससे मुझे मुख्य अभियंता का भी सम्मान प्राप्त होगा और मुझे मुख्य अभियंता भी सम्मान प्राप्त होगा और समय पर कार्य पूरा होने पर प्रशासन की अनुकंपा भी प्राप्त होगी।

दोषः व्यक्तिगत तौर पर यह जानते हुए कि मामला काफी गंभीर है और जनता की सुरक्षा से सम्बंधित है यदि मैं आगे बढ़ता हूँ तो यह नैतिक एवं कानूनी दोनों ही रूपों में गलत होगा। सबसे बढ़कर यदि भविष्य में दुर्घटना हुयी और जाँच में गलती सामने आयी तो मुझे भी कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है।

  1. इस मामले से सम्बंधित द्वितीय विकल्प के गुण एवं दोषः

गुणः यदि सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाती है तो इसका लाभ यह होगा कि मुख्य अभियंता मामले को ठीक ढंग से समझ सकेगा। यदि कमियों को जानते हुए भी वह काम जारी रखने का लिखित आदेश देता है तो जिम्मेदारी उसकी होगी।

दोषः विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद भी यदि अभियंता के लिखित आदेश पर काम जारी रखा भी जाता है तो यह नैतिक रूप से गलत होगा। सबसे बढ़कर यह हो सकता है कि स्वयं मुख्य अभियंता भी भ्रष्टाचार में लिप्त हो।

  1. इस मामले से सम्बंधित तृतीय विकल्प के गुण एवं दोषः

गुणः कनिष्ठ अभियंताओं से स्पष्टीकरण मांगने एवं ठेकेदार को दोष निवारण के लिए आदेश देने का निर्णय उचित है क्योंकि इससे एक ओर जहाँ कनिष्ठ अभियंताओं को सख्त संदेश मिलेगा वहीं ठेकेदार के द्वारा दोष के निवारण से व्यापक की रक्षा भी हो सकेगी।

दोषः  मामले में बताया जा चुका है कि आप अपने वरिष्ठ को सूचित कर चुके हैं अतः अब ऐसी स्थिति में कनिष्ठ अधिकारियों से स्पष्टीकरण माँगने और ठेकेदार को दोष निवारण के लिए आदेश देने का निर्णय उचित नहीं होगा।

  1. इस मामले से सम्बंधित चौथे विकल्प के गुण एवं दोषः

गुणः इस कदम का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि मुख्य अभियंता पर वरिष्ठ अधिकारियों का दबाव पड़ेगा और संभव है कि वह धनहित को नजरअंदाज करने से सम्बंधित अपने आदेश पर बदल दे।

दोषः  इससे मुख्य अभियंता नाराज हो सकता है तथा बदले की कार्यवाही करते हुए किसी अन्य मामले में मुझे उलझा सकता है।

  1. इस मामले सम्बंधित पाँचवे विकल्प के गुण एवं दोषः

गुणः इस कदम का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि मैं मामले से अलग हो जाऊगां और यदि कोई समस्या आती है तो उसके लिए मुख्य अभियंता या अन्य मसलन ठेकेदार आदि को दोषी माना जायेगा।

दोषः  यह मेरी पलायनवादिता को दर्शाता है। सबसे बढ़कर यदि दुर्घटना होती है और जाँच बैठती है तो अधिशासी अभियंता होने के कारण मुझे भी दोषी ठहराया जायेगा।

मेरे द्वारा की गयी कार्यवाही एवं उसके कारणः

  • सर्वप्रथम कमी सामने आने पर मेरे द्वारा ठेकेदार एवं अधीनस्थ कर्मचारियों से रिपोर्ट मांगी जायेगी। इस रिपोर्ट का अध्ययन कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जायेगी।
  • इस विस्तृत रिपोर्ट को मुख्य अभियंता के साथ-साथ उसके वरिष्ठों को भी भेजा जायेगा। इसके बाद लिखित आदेश की माँग की जायेगी।
  • यदि लिखित आदेश में जनहित की पूर्णतः अवहेलना की जाती है तो व्हिसिल ब्लोअर का कार्य करके मीडिया तक बात पहुंचायी जायेगी ताकि जनता की सुरक्षा को खतरे में न डाला जा सके।

कारणः इन क्रमिक कदमों के द्वारा में अपने प्रशासनिक दायित्वों के साथ-साथ एक जागरूक नागरिक के दायित्व का भी निर्वहन कर सकूँगा।

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