एक जन सूचना अधिकारी (PIO) को सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के अंतर्गत एक आवेदन मिलता है। सूचना एकत्र करने के बाद उसे पता चलता है कि वह सूचना स्वयं उसी के द्वारा लिए गए कुछ निर्णयों से संबंधित है, जो पूर्णरूप से सही नहीं थे। इन निर्णयों में अन्य कर्मचारी भी सहभागी थे। सूचना प्रकट होने पर स्वयं उसके तथा उसके अन्य मित्रों के विरुद्ध अनुशासिक कार्यवाही हो सकती है, जिसमें दण्ड भी संभावित है। सूचना प्रकट न करने या आंशिक या छद्मावतरित सूचना उपलब्ध कराने पर कम दण्ड या दण्ड-मुक्ति भी मिल सकती है।। PIO अन्यथा एक ईमानदार व कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति है पर यह विशिष्ट निर्णय, जिसके सम्बंध में RTI आवेदन किया गया है, गलत निकला। वह अधिकारी आपके पास सलाह के लिए आया है। नीचे सुझावों के कुछ विकल्प दिए गए हैं। प्रत्येक विकल्प का गुण-दोष के आधार पर मूल्यांकन कीजिएः a) PIO इस मामले को अपने ज्येष्ठ अधिकारी को उसकी सलाह के लिए संदर्भित करे और कड़ाई से उसी के अनुसार कार्यवाही करे चाहे वह स्वयं उस सलाह से पूर्णतया सहमत न हो। b) PIO छुट्टी पर चला जाए और मामले को अपने उत्तराधिकारी (कार्यालय से) पर छोड़ दे या सूचना आवेदन को किसी अन्य PIO को स्थानान्तरण का निवेदन करे। c) PIO सच्चाई के साथ सूचना प्रकट करने व अपनी जीविका पर उसके प्रभाव पर मनन करके इस भांति उत्तर दे जिससे वह या उसकी जीविका पर जोखिम न आए पर साथ ही सूचना की अन्तर्वस्तु पर कुछ समझौता किया जा सकता है। d) PIO उन सहयोगियों, जो इस निर्णय को लेने में सहभागी थे, से परामर्श करे और उनकी सलाह के अनुरूप कार्यवाही करें। अनिवार्य रूप से केवल उपरोक्त विकल्पों तक सीमित न रखते हुए आप अपनी सलाह दीजिए और उसके उचित कारण भी बताइए।

यह मामला प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन के साथ व्यक्तिगत हित से सम्बंधित है। एक ओर जहाँ जन सूचना अधिकारी का प्रशासनिक दायित्व उसे सही सूचना प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित करता है वहीं दूसरी ओर सही सूचना प्रस्तुत करने से उसका व्यक्तिगत हित एवं उसके सहयोगियों के हित प्रभावित होते हैं।

  1. प्रथम विकल्प के गुण एवं दोषः

गुणः यदि जनसूचना अधिकारी (PIO) इस मामले को अपने वरिष्ठ अधिकारी को सलाह के लिए भेजता है और उसकी सलाह के अनुसार कार्य करता है तो उचित होगा क्योंकि इस मामले से स्वयं जन सूचना अधिकारी के हित सम्बंधित है। सबसे बढ़कर आचरण संहिता के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होता है।

दोषः  यदि जनसूचना अधिकारी इस मामले को अपने वरिष्ठ अधिकारी के पास भेज देता है तो इससे उसकी पलायनवादिता प्रदर्शित होती है। सबसे बढ़कर वरिष्ठ अधिकारी के निर्देशों के पालन की जिम्मेदारी उसी के ऊपर है अतः हो सकता है कि वह इन निर्देशों को लागू करवाने में नरमी बरते।

  1. इस मामले से सम्बंधित द्वितीय विकल्प के गुण एवं दोष।

गुणः यदि जनसूचना अधिकारी (PIO) छुट्टी पर चला जाता है तो इससे वह हितों के संघर्ष से बच जायेगा क्योंकि यह मामला उसी से सम्बंधित है और स्वयं उसे ही निर्णय लेना है।

दोषः  यदि जनसूचना अधिकारी (PIO) अवकाश पर चला जाता है तो इससे सम्बंधित कार्यालय का कार्य प्रभावित हो सकता है। ज्ञातव्य है कि पहले से ही विभिन्न विभागों में जनसूचना अधिकारियों की संख्या काफी कम है।

            इसके अतिरिक्त यदि जनसूचना अधिकारी किसी अन्य जनसूचना अधिकारी को यह मामला संदर्भित करता है तो इससे उसकी निर्णय लेने की क्षमता पर प्रश्न चिन्ह लगता है।

  1. इस मामले से सम्बंधित तृतीय विकल्प के गुण एवं दोष।

गुणः यदि जनसूचना अधिकारी (PIO) सूचना की अंर्तवस्तु से कुछ हद तक समझौता कर लेता है तो उससे वह एवं उसके सहयोगी कर्मचारियों की जीविका पर विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि इस कदम की उचित नहीं ठहराया जा सकता है किंतु यह मामला चूँकि मानवीय त्रुटि से सम्बंधित है अतः इसकी अनुमति दी जा सकती है।

दोषः  यदि जनसूचना अधिकारी (PIO) के द्वारा सूचना की अंर्तवस्तु से कोई छेड़छाड़ की जाती है तो इससे भविष्य में उसके लिए समस्या उत्पन्न हो सकती है। भविष्य में यदि सत्यता सामने आती है तो उसे कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है।

  1. मामले से सम्बंधित चतुर्थ विकल्प के गुण एवं दोषः

गुणः यदि जनसूचना अधिकारी (PIO) इस मामले से सम्बंधित सहयोगियों से परामर्श करता है तो उससे वह एक निर्णय तक पहुँच सकता है जिससे स्वयं उसकी और उसके सहयोगियों की आजीविका पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़ें।

दोषः  यदि जनसूचना अधिकारी (PIO) के द्वारा सहयोगियों से परामर्श लिया जाता है तो यह सूचना के अधिकार अधिनियम (RTI) के विरुद्ध होगा। इस प्रकार यह कदम अनैतिक होने के साथ-साथ गैर कानूनी भी होगा।

उपरोक्त विकल्पों का मूल्यांकन करने के पश्चात् इस सम्बंध में मेरी सलाह निम्न होगी-

• जनसूचना अधिकारी (PIO) को सारी सूचना वास्तविक रूप से सही ढंग से प्रस्तुत करनी चाहिए।

• उसे किसी सहयोगी या वरिष्ठ अधिकारी के दबाव के आगे झुके बिना मांगी गयी सूचना को प्रकट करना चाहिए, भले ही उससे उसे स्वयं कुछ समस्याओं का सामना करना पड़े।

मेरे द्वारा दी गयी सलाह के प्रमुख कारणः

• इससे जनसूचना अधिकारी (PIO)की बेदाग छवि बरकरार रहेगी और उसकी विश्वसनीयता बढ़ेगी। यद्यपि उसे कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है किंतु शासन भी ऐसे ईमानदार अधिकारी की गलती पर रियायत बरतेगा।

• यदि वह किसी सहयोगी या वरिष्ठ अधिकारी के दबाव के बिना कार्य करता है और सूचना को सही रूप में प्रस्तुत करता है तो जनता के बीच उसकी लोकप्रियता बढ़ेगी तथा दृढ़ प्रतिज्ञा एवं साहसी अधिकारी के रूप में उसकी छवि मजबूत होगी। एक ऐसे साहसी अधिकारी के रूप में स्वयं की गलती को भी नजरअंदाज नहीं करता।

Posted on by