यह मामला प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन के साथ व्यक्तिगत हित से सम्बंधित है। एक ओर जहाँ जन सूचना अधिकारी का प्रशासनिक दायित्व उसे सही सूचना प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित करता है वहीं दूसरी ओर सही सूचना प्रस्तुत करने से उसका व्यक्तिगत हित एवं उसके सहयोगियों के हित प्रभावित होते हैं।
- प्रथम विकल्प के गुण एवं दोषः
गुणः यदि जनसूचना अधिकारी (PIO) इस मामले को अपने वरिष्ठ अधिकारी को सलाह के लिए भेजता है और उसकी सलाह के अनुसार कार्य करता है तो उचित होगा क्योंकि इस मामले से स्वयं जन सूचना अधिकारी के हित सम्बंधित है। सबसे बढ़कर आचरण संहिता के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होता है।
दोषः यदि जनसूचना अधिकारी इस मामले को अपने वरिष्ठ अधिकारी के पास भेज देता है तो इससे उसकी पलायनवादिता प्रदर्शित होती है। सबसे बढ़कर वरिष्ठ अधिकारी के निर्देशों के पालन की जिम्मेदारी उसी के ऊपर है अतः हो सकता है कि वह इन निर्देशों को लागू करवाने में नरमी बरते।
- इस मामले से सम्बंधित द्वितीय विकल्प के गुण एवं दोष।
गुणः यदि जनसूचना अधिकारी (PIO) छुट्टी पर चला जाता है तो इससे वह हितों के संघर्ष से बच जायेगा क्योंकि यह मामला उसी से सम्बंधित है और स्वयं उसे ही निर्णय लेना है।
दोषः यदि जनसूचना अधिकारी (PIO) अवकाश पर चला जाता है तो इससे सम्बंधित कार्यालय का कार्य प्रभावित हो सकता है। ज्ञातव्य है कि पहले से ही विभिन्न विभागों में जनसूचना अधिकारियों की संख्या काफी कम है।
इसके अतिरिक्त यदि जनसूचना अधिकारी किसी अन्य जनसूचना अधिकारी को यह मामला संदर्भित करता है तो इससे उसकी निर्णय लेने की क्षमता पर प्रश्न चिन्ह लगता है।
- इस मामले से सम्बंधित तृतीय विकल्प के गुण एवं दोष।
गुणः यदि जनसूचना अधिकारी (PIO) सूचना की अंर्तवस्तु से कुछ हद तक समझौता कर लेता है तो उससे वह एवं उसके सहयोगी कर्मचारियों की जीविका पर विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि इस कदम की उचित नहीं ठहराया जा सकता है किंतु यह मामला चूँकि मानवीय त्रुटि से सम्बंधित है अतः इसकी अनुमति दी जा सकती है।
दोषः यदि जनसूचना अधिकारी (PIO) के द्वारा सूचना की अंर्तवस्तु से कोई छेड़छाड़ की जाती है तो इससे भविष्य में उसके लिए समस्या उत्पन्न हो सकती है। भविष्य में यदि सत्यता सामने आती है तो उसे कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है।
- मामले से सम्बंधित चतुर्थ विकल्प के गुण एवं दोषः
गुणः यदि जनसूचना अधिकारी (PIO) इस मामले से सम्बंधित सहयोगियों से परामर्श करता है तो उससे वह एक निर्णय तक पहुँच सकता है जिससे स्वयं उसकी और उसके सहयोगियों की आजीविका पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़ें।
दोषः यदि जनसूचना अधिकारी (PIO) के द्वारा सहयोगियों से परामर्श लिया जाता है तो यह सूचना के अधिकार अधिनियम (RTI) के विरुद्ध होगा। इस प्रकार यह कदम अनैतिक होने के साथ-साथ गैर कानूनी भी होगा।
उपरोक्त विकल्पों का मूल्यांकन करने के पश्चात् इस सम्बंध में मेरी सलाह निम्न होगी-
• जनसूचना अधिकारी (PIO) को सारी सूचना वास्तविक रूप से सही ढंग से प्रस्तुत करनी चाहिए।
• उसे किसी सहयोगी या वरिष्ठ अधिकारी के दबाव के आगे झुके बिना मांगी गयी सूचना को प्रकट करना चाहिए, भले ही उससे उसे स्वयं कुछ समस्याओं का सामना करना पड़े।
मेरे द्वारा दी गयी सलाह के प्रमुख कारणः
• इससे जनसूचना अधिकारी (PIO)की बेदाग छवि बरकरार रहेगी और उसकी विश्वसनीयता बढ़ेगी। यद्यपि उसे कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है किंतु शासन भी ऐसे ईमानदार अधिकारी की गलती पर रियायत बरतेगा।
• यदि वह किसी सहयोगी या वरिष्ठ अधिकारी के दबाव के बिना कार्य करता है और सूचना को सही रूप में प्रस्तुत करता है तो जनता के बीच उसकी लोकप्रियता बढ़ेगी तथा दृढ़ प्रतिज्ञा एवं साहसी अधिकारी के रूप में उसकी छवि मजबूत होगी। एक ऐसे साहसी अधिकारी के रूप में स्वयं की गलती को भी नजरअंदाज नहीं करता।