हाल ही में इजरायली प्रधानमंत्री के द्वारा भारत की पाँच दिवसीय आधिकारिक यात्रा की गयी। भारतीय प्रधानमंत्री के द्वारा हवाई अड्डे पर स्वयं उनकी अगवानी की गयी। दोनों ही नेता एक-दूसरे को अपना अभिन्न मित्र मानते हैं। उल्लेखनीय है कि येरुशलम को इजरायल की राजधानी बनाये जाने सम्बंधी संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के विपक्ष मे भारत ने अपना मत दिया था जिससे कयास लगाये जा रहे थे कि भारत एवं इजरायल के सम्बंधों में कमजोरी आ सकती है किंतु ऐसा नहीं हुआ।
इजरायली प्रधानमंत्री के द्वारा की गयी भारत की इस यात्रा के दौरान जुलाई 2017 में बनी सहमति को आगे बढ़ाने का कार्य किया गया। ज्ञातव्य है कि जुलाई 2017 में भारतीय प्रधानमंत्री के द्वारा इजरायल की यात्रा की गयी थी। वर्ष 2017 में दोनों देशों ने द्विपक्षीय सम्बंधों की रजत जयंती (25 वर्ष) भी मनायी।
इजरायली प्रधानमंत्री की इस भारत यात्रा के दौरान किये गये प्रमुख समझौतेः
भारत एवं इजरायल के मध्य अंतरिक्ष, साइबर सुरक्षा, तेल एवं गैस के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निम्न समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये।
- तेल एवं गैस के क्षेत्र में भारत एवं इजरायल के बीच समझौता सम्पन्न हुआ। इससे भारतीय तेल एवं गैस कम्पनियाँ पहली बार इजरायल में निवेश कर सकेंगी।
- नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में करीबी रिश्तों के निर्माण के साथ-साथ दोनो देशों ने फिल्मों के सह उत्पादन को बढ़ावा देने के सम्बंध में समझौता किया।
- दोनों देशों ने साइबर सुरक्षा समझौते को और व्यापक बनाने के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की। ज्ञातव्य है कि जुलाई 2017 में दोनों देशों के बीच साइबर सुरक्षा समझौता हुआ था।
- दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय निवेश को बढ़ावा देने एवं निवेशकों को सुरक्षा प्रदान करने के सम्बंध में समझौता सम्पन्न हुआ।
- औद्यौगिक एवं अंतरिक्ष शोध के सम्बंध में दोनों देशों के मध्य दो समझौते सम्पन्न हुए।
इजरायल तकनीकी के मामले में भारत की किस प्रकार मदद कर सकता है?
- इजरायल तकनीकी के मामले में विश्व का अग्रणी देश है। वह नवीकरणीय ऊर्जा, सूक्ष्म सिंचाई एवं खारे जल को स्वच्छ बनाने में अहम योगदान कर सकता है।
- इजरायल के वैज्ञानिकों के द्वारा एक ऐसा संयंत्र बनाया गया है जो गंदे एवं खारे पानी को स्वच्छ पेयजल में बदल सकता है। इस संयंत्र के माध्यम से भारत के ग्रामीण एवं तटीय क्षेत्रों में पानी की कमी को दूर किया जा सकता है।
- इजरायली वैज्ञानिकों ने सौर ऊर्जा का प्रयोग करके हवा की नमी से पानी बनाना भी सीख लिया है। यह तकनीक भारत को लाभान्वित कर सकती है।
- इजरायल अस्त्र-शस्त्रों के मामले में भी अग्रणी है अतः वह रक्षा के क्षेत्र में भी भारत की मदद कर सकता है।
निष्कर्षः निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि भारत एवं इजरायल के मध्य द्विपक्षीय सम्बंध काफी सशक्त स्थिति में है। हालिया हस्ताक्षरित समझौतों से दोनों देशों के सम्बंधों को नयी मजबूती प्राप्त होगी।