Day -17
यान्त्रिकी (Mechanics)
भौतिक विज्ञान की इस शाखा के अन्तर्गत भौतिक राशियों का मापन, वस्तुओं की गति, बल एवं उनसे सम्बन्धित समस्याओं तथा द्रव्य के मूलभूत गुणों का अध्ययन किया जाता है।
मापन (Measurement)
भौतिक राशियां एवं मात्रक (Physical Quantities and Units)
भौतिक राशियां – जिसे संख्या के रूप में प्रकट किया जा सके उसे राशि (quantity) कहते हैं, जैसे जनसंख्या, प्रतिशत अंक, आयु, मेज की लम्बाई, वस्तु का भार, आदि। इनमें से अन्तिम दो ही भौतिक राशियां है।
भौतिकी के नियमों को जिन राशियों के पदों में व्यक्त किया जाता है, उन्हें भौतिक राशियां कहते है, जैसे, वस्तु की संहति (mass), लम्बाई, बल, वेग, चाल, दूरी, विद्युत धारा, संवेग, घनत्व आदि।
भौतिक राशियां दोप्रकार की होती हैं – मूल भौतिक राशियां तथा व्युत्पन्न भौतिक राशियां। मूल भौतिक राशियां वे हैं जिन्हें बिना किसी दूसरी राशि की सहायता के स्वतंत्र रूप से परिभाषित किया जाता है, जैसे संहति (या द्रव्यमान), लम्बाई, समय आदि। संहति का लम्बाई और समय से कोई सम्बन्ध नही है, अतः ये तीनों ही परस्पर स्वतन्त्र हैं और मूल भौतिक राशियां हैं। इसी प्रकार, ताप, विद्युत धारा, आदि भी मूल भौतिक राशियां हैं।
इसके विपरीत व्युत्पन्न भौतिक राशियां वे हैं जिन्हें मूल भौतिक राशियों के पदों में परिभाषित किया जाता है, जैसे, चाल एक व्युत्पन्न भौतिक राशि है क्योंकि चाल = दूरी/समय = लम्बाई/समय, अर्थात् चाल मूल राशियों लम्बाई तथा समय के पदों में परिभाषित की जाती है।
शेष फिर अगले नोटस् में .. अदिश व सदिश राशियां...