Day - 20
मात्रक पध्दतियां (Systems of Units)
भौतिक राशियों के मापन के लिए निम्न चार पध्दतियां प्रचलित हैं :
- CGS पध्दति – इस पध्दति में लम्बाई, द्रव्यमान तथा समय के मात्रक क्रमशः सेण्टीमीटर, ग्राम, और सेकण्ड होते हैं। इसलिए इसे Centimetre-Gram-Second या CGS पध्दति कहते है। इसे फ्रेंच या मीट्रिक पध्दति भी कहते हैं।
- FPS पध्दति- इस पध्दति में लम्बाई, द्रव्यमान तथा समय के मात्रक क्रमशः फुट, पाउण्ड तथा सेकण्ड होते हैं। इसे ब्रिटिश पध्दति भी कहते हैं।
- MKS पध्दति - इस पध्दति में लम्बाई, द्रव्यमान तथा समय के मात्रक क्रमशः मीटर, किलोग्राम और सेकण्ड होते हैं। यह पध्दति CGS पध्दति का ही एक रूप हैं। अतः इस पध्दति के मात्रक व्यावहारिक मात्रक होतें हैं। अतः पिछले कई दशकों से वैज्ञानिक मापों में इस पध्दति का प्रयोग किया जाता रहा है।.
विद्युत् एवं चुम्बकत्व के क्षेत्र में परिमेयीकृत (rationalized) मीटर-किलोग्राम-सेकण्ड- ऐम्पियर (MKSA) पध्दति का उपयोग किया जाता रहा है।
iv. अन्तर्राष्ट्रीय पध्दति अथवा SI – सन् 1967 में ‘ अन्तर्राष्ट्रीय माप-तौल’ के महाधिवेशन में SI को स्वीकार किया गया जिसका पूरा नाम de System International d’ Unites है| SI में S का अर्थ है System और I का International; अतः ‘ SI पध्दति’ के स्थान पर केवल SI लिखा जाता है।
शेष फिर अगले नोटस् में ..