क्रमशः -
Day - 43
- अनुच्छेद 3 के अधीन जो अनेक विधान वनाए गए है। उसमे से कुछ उदाहरण स्वरूप
- नए राज्यो का निर्माण
- आन्ध्र राज्य अधिनियम, 1953 (आन्ध्र प्रदेश )
- राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 (केरल मध्य प्रदेश आदि)
- मुम्बई पुनर्गठन अधिनियम, 1960 (महाराष्ट्र और गुजरात)
- विलय
- हिमालय प्रदेश और बिलासपुर (नया राज्य) अधिनियम, 1954 (बिलासपुर का हिमाचल प्रदेश में विलय)
- अर्जित राज्य क्षेत्र (विलयन) अधिनियम, 1960 (कुछ राज्य क्षेत्रों का असम, पंजाब और पं. बंगाल में विलय)
- विभाजन
- पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 (पंजाब को, पंजाब और हरियाणा में विभाजित किया और गया और चंडीगढ़ संघ-राज्य क्षेत्र का निर्माण किया गया)
- पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (इसके द्वारा मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश का निर्माण हुआ)
- अध्यर्पण
- संविधान (9 वाँ संशोधन) अधिनियम, 1960 (भारत और पाकिस्तान के बीच करार के अनुसरण में कुछ राज्य क्षेत्र पाकिस्तान को अध्यर्पित किए गए
- अर्जन
- संविधान (36 वाँ संशोधन), 1975 (सिक्किम को भारत संघ में प्रविष्ट किया गया)
- नाम परिवर्तन
1-मद्रास राज्य (नाम परिवर्तन अधिनियम, 1968 (मद्रास रा नाम बदलकर तमिलनाडु किया गया)
2- मैसूर राज्य (नाम परिवर्तन) अधिनियम, 1973 (मैसूर का नाम कर्नाटक कर दिया)
मिलते है हम अगले दिन, नए राज्यों के निर्माण विषय पर फिर आगे चर्चा करने के लिये..