क्रमशः ...
Day - 56
61. 87वां संशोधन (2003): परिसीमन में संख्या का आधार 1991 की जनगणना के स्थान पर 2001 कर दी गई है.
62. 88वां संशोधन (2003): सेवाओं पर कर का प्रावधान
63. 89वां संशोधन (2003): अनुसूचित जनजाति के लिए पृथक राष्ट्रीय आयोग की स्थापना की व्यवस्था.
64. 90वां संशोधन (2003): असम विधान सभा में अनुसूचित जनजातियों और गैर अनुसूचित जनजातियों का प्रतिनिधित्व बरक़रार रखते हुए बोडोलैंड, टेरिटोरियल कौंसिल क्षेत्र, गैर जनजाति के लोगों के अधिकारों की सुरक्षा.
65. 91वां संशोधन (2003): दल बदल व्यवस्था में संशोधन, केवल सम्पूर्ण दल के विलय को मान्यता, केंद्र तथा राज्य में मंत्रिपरिषद के सदस्य संख्या क्रमशः लोक सभा तथा विधान सभा की सदस्य संख्या का 15 प्रतिशत होगा (जहां सदन की सदस्य संख्या 40-50 है, वहां अधिकतम 12 होगी).
66. 92वां संशोधन (2003): संविधान की आंठवीं अनुसूची में बोडो, डोगरी, मैथली और संथाली भाषाओँ का समावेश.
67. 93वां संशोधन (2006): शिक्षा संस्थानों में अनुसूचित जाति/ जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के नागरिकों के दाखिले के लिए सीटों के आरक्षण की व्यवस्था, संविधान के अनुच्छेद 15 की धरा 4 के प्रावधानों के तहत की गई है.
नोट : - 2006 से 2017 तक के संशोधन पर चर्चा कुछ ज्यादा विस्तृत तरीके से करनी पड़ेगी, अतः इस विषय को पुनः कुछ समय बाद लायेंगे।
इसके बाद हम पुनः संविधान के क्रमानुसार विषय पर चलते है।
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