हाल ही में भारत जापान को पीछे करके निवेशकों के लिए पाँचवाँ आकर्षक देश बन गया है, स्पष्ट कीजिए। भारत में निवेश के लिए किस प्रकार की सम्भावानायें मौजूद हैं सविस्तार स्पष्ट कीजिए? साथ ही बताइए कि निवेश को बढ़ावा देने के लिए अभी और किन कदमों को उठाये जाने की जरुरत है?

हाल ही में वैश्विक सलाहकारी फर्म पी.डब्ल्यू.सी. के द्वारा विश्वभर के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के बीच एक सर्वेक्षण कराया गया। इस सर्वेक्षण के मुताबिक वर्ष 2018 में जापान को पीछे कर भारत विश्व का पाँचवाँ सर्वाधिक आकर्षक बाजार बन गया है। ज्ञातव्य है कि भारत वर्ष 2017 में छठवें स्थान पर था।

निवेशकों की निगाह में भारत का आकर्षण तीव्र गति से बढ़ रहा है। भारत ने सिर्फ आकर्षक बाजारों की सूची में ही बढ़त नहीं हासिल की है बल्कि ‘बिजनेस आप्टिमिज्म’ (Business Optimism) के मामले में भी रिकॉर्ड स्तर प्राप्त कर लिया है। हालाँकि अभी भी साइबर सुरक्षा एवं जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दे चिंता के विषय बने हुए हैं।

भारत में निवेश के लिए मौजूद सम्भावनायेः

  • भारत कारोबारी सुगमता के मामले में लगातार सुधार कर निवेशकों के अनुकूल माहौल के सृजन में संलग्न है। विश्व बैंक के द्वारा जारी ईज ऑफ डूइंग बिजिनेस रिपोर्ट में भारत ने 30 स्थानों का सुधार कर 100वाँ स्थान प्राप्त किया है।
  • पिछले एक वर्ष के दौरान सरकार ने बुनियादी ढाँचा, मैन्यूफैक्चरिंग और कौशल जैसे क्षेत्रों से सम्बंधित चिंताओं का निराकरण करके निवेशकों को आश्वस्त करने का प्रयास किया है।
  • भारत में एक विशाल मध्यमवर्गीय आबादी है जो भारत में विशाल बाजार की संभावना को प्रबल बनाती है। ज्ञातव्य है कि युवा मध्यमवर्गीय आबादी रुचियों में विविधतापूर्ण होती है तथा उत्पादकों को विशाल बाजार उपलब्ध कराती है।
  • भारत में आधारभूत संरचना तथा सेवा क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनायें मौजूद हैं। यह बात हाल ही में भारतीय वित्त मंत्री के द्वारा कही गयी।
  • विश्व आर्थिक फोरम की बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का मतलब ही कारोबार है उनका तात्पर्य भारत में मौजूद व्यापक व्यापारिक संभावनाओं से था।

भारत में निवेश को बढ़ावा देने के लिए अन्य किन कदमों को उठाये जाने की जरुरत है?

  • भारत में आधारभूत संरचना की स्थिति अभी भी कमजोर है। इस स्थिति को सशक्त बनाना अनिवार्य है। ज्ञातव्य है कि निवेशक सशक्त आधारभूत संरचना वाले देशों में निवेश को प्राथमिकता प्रदान करते हैं।
  • केन्द्र एवं राज्यों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना होगा ताकि निवेशकों के सम्बंध में दोनो स्तर की सरकारों के बीच एकमतता रहे।
  • भूमि अधिग्रहण के सम्बंध में अभी भी स्थिति अस्पष्ट एवं अनिश्चित बनी हुयी है। इस स्थिति में शीघ्रतिशीघ्र सुधार लाया जाना चाहिए।
  • यद्यपि वस्तु एवं सेवाकर को लागू किया जा चुका है किंतु व्यापारियों एवं उद्योगपतियों की चिंताओं का पूर्ण निराकरण नहीं हो सका है। इसमें शीघ्र स्थिति को स्पष्ट करने की जरुरत है।
  • साइबर सुरक्षा के मामले में देश की स्थिति को सशक्त बनाये जाने की जरुरत है।

निष्कर्षः निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि भारत निवेश के मामले में दुनिया के सर्वाधिक आकर्षक देशों में अपना स्थान बना रहा है। निःसंदेह इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा जो देश की प्रगति के लिए जरुरी है।

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