एक बेहतर नेतृत्वकर्ता के लिए अच्छा स्वभाव एवं सशक्त भावनात्मक बुद्धिमत्ता का होना जरूरी है, स्पष्ट कीजिए। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में अच्छे स्वभाव एवं सशक्त भावनात्मक बुद्धिमत्ता की जरूरत क्यों है?

अच्छे स्वभाव से तात्पर्य विनम्रता, तार्किकता, धैर्यपूर्ण एवं परिपक्व व्यवहार से है। जबकि भावनात्मक बुद्धिमत्ता ऐसा गुण है जिसके तहत व्यक्ति स्वयं की भावनाओं के साथ-साथ दूसरों की भावनाओं का समुचित एवं प्रभावी प्रबंधन कर पाता है।

एक नेतृत्वकर्ता में इन दोनों उपर्युक्त गुणों का होना अतिआवश्यक है क्योंकि वह अपने अनुयायियों को गहराई से प्रभावित करता है। वर्तमान जटिल विश्व की परिस्थितियों में हमें ऐसे वैश्विक नेताओं की जरूरत है जो इन दो गुणों से युक्त है।

वर्तमान वैश्विक परिस्थिति में बेहतर स्वभाव एवं सशक्त भावनात्मक बुद्धिमत्ता की जरूरत क्यों है?

  • वर्तमान विश्व कई प्रकार की जटिल परिस्थितियों मसलन संघर्ष, आतंकवाद, शरणार्थी समस्या एवं जलवायु परिवर्तन की समस्या का सामना कर रहा है अतः इस परिस्थिति में उपर्युक्त गुणों की अपरिहार्य आवश्यकता है।
  • वर्तमान में जिस प्रकार से असहिष्णुता बढ़ती जा रही है उस परिप्रेक्ष्य में भावनात्मक बुद्धिमत्ता से युक्त नेतृत्व की सराहनीय भूमिका हो सकती है। सशक्त भावनात्मक बुद्धिमत्ता से युक्त व्यक्ति असहिष्णु लोगों की भावनाओं का समुचित प्रबंधन करके उन्हें रचनात्मकता की ओर अग्रसर कर सकता है।
  • संयुक्त राष्ट्र का गठन भी वैश्विक शांति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया था। किंतु इसे अपने उद्देश्य में अधिक सफलता नहीं मिल सकी है। यदि संयुक्त राष्ट्र संघ में ऐसे नेतृत्व को शामिल किया जाये जो सशक्त भावनात्मक बुद्धिमत्ता से युक्त है तो निश्चित तौर पर शांति की स्थापना में मदद मिल सकती है।
  • मानवाधिकारों के उल्लंघन से संबंधित मामलों के नियंत्रण के लिए जरूरी है कि नेतृत्व ऐसे लोगों के हाथ में हो जो अच्छे स्वभाव एवं सशक्त भावनात्मक बुद्धिमत्ता से युक्त हों।
  • अच्छे स्वभाव एवं भावनात्मक बुद्धिमत्ता से युक्त नेतृत्व ही यह समझ सकते हैं कि द्विपीय राष्ट्र जलवायु परिवर्तन के कारण अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे हैं। साथ ही जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने के लिए कदम उठा सकते हैं।
  • भारत सरकार के द्वारा अन्य देशों के प्रति हमेशा सद्भाव एवं सहायता की नीति अपनायी गयी है। ज्ञातव्य है कि नेपाल के भूकंप, मालदीव के जलसंकट तथा यमन में राहत अभियान के दौरान भारतीय नेतृत्व ने संवेदनशीलता का परिचय दिया।
निष्कर्ष : निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि बेहतर नेतृत्व के लिए सशक्त भावनात्मक बुद्धिमत्ता तथा अच्छे स्वभाव का होना जरूरी है। सबसे बढ़कर इन गुणों से युक्त नेतृत्व ही वर्तमान जटिल विश्व की परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझ सकता है।
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