सन्धि-7

ई+=

नदी+अर्पण = नद्यर्पण

देवी+अर्थ= देव्यर्थ

इ+=या

इति+आदि= इत्यादि

अति+आचार = अत्याचार

अग्नि+आशय = अग्नयाशय

ई+= या

देवी+आलय = देव्यालय

सखी+आलय = सख्यालय

सखी+आगमन= सख्यागमन

देवी+आगमन= देव्यागम

इ+= यु

उपरि+उक्त = उपर्युक्त

अति+उत्तम = अत्युत्तम

प्रति+उपकार = प्रत्युपकार

प्रति+उत्तर = प्रत्युत्तर

अभि+उत्थान = अभ्युत्थान

वि+उत्पति = व्युत्पत्ति

अभि+उदय = अभ्युदय   

ई+= यु

स्त्री+उचित = स्त्र्युचित

सखी+उचित = सख्युचित

इ + = यू

नि+ऊन= न्यून

वि+ऊह = व्यूह

प्रति+ऊष= प्रत्यूष

वाणि+ऊर्मि= वाण्यूर्मि

इ+= ये

प्रति+एक= प्रत्येक

अधि+एषणा= अध्येषणा

ई+= यै

देवी+ऐश्वर्य= देव्यैश्वर्य

ई+= या

देवी + आगमन = देव्यागमन

सखी+आगमन = सख्यागमन

ई+= यै

सखी+ऐश्वर्य= सख्यैश्वर्य

नदी+ऐश्वर्य= नद्यैश्वर्य

उ+=

सु+अच्छ= स्वच्छ

अनु+अय = अन्वय

मधु+अरि= मध्वरि

मनु+अन्तर= मन्वन्तर

ऊ+=

वधू+अर्थ= वध्वर्थ

उ+= वा

सु+आगत = स्वागत

मधु+आलय = मध्वालय

भानु + आगमन= भान्वागमन

मधु + आचार्य = मध्वाचार्य

साधु + आचार = साध्वाचार

ऊ+= वा

वधू + आगमन= वध्वागमन

उ+= वि

अनु+इति= अन्विति

अनु+इत= अन्वित

अनु+इष्ट= अन्विष्ट

धातु + इक = धात्विक

ऊ+=

वधू + इष्ट = वध्विष्ट

उ+= वी

अनु + ईक्षण = अन्वीक्षण

ऊ + = वी

वधू + ईष्र्या त्र वध्वीष्र्या

+= वे

प्रभु + एषणा = प्रभ्वेषणा

अनु + एषण = अन्वेषण

ऊ + = वा

वधू + आगमन = वध्वागमन

भू + आदि = भ्वादि

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