देश की जीडीपी में कृषि एवं उससे सम्बंधित क्षेत्रों मसलन वानिकी एवं माध्यिकी का केवल 13.7 प्रतिशत योगदान है जबकि इसमें देश की तकरीबन आधी आबादी आजीविका के लिए निर्भर करती है। इन आकड़ों का विश्लेषण करने पर ज्ञात होता है कि कृषि अत्यधिक कार्यबल के बोझ से दबी हुयी है तथा किसानों के लिए अलाभकारी होती जा रही है।
वर्तमान सरकार ने प्रारम्भ से ही कृषि क्षेत्र के विकास के लिए प्रयत्न किये हैं किंतु इन प्रयत्नों का अधिक फायदा अभी सामने नहीं आ पा रहा है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना को लागू कर अधिकाधिक क्षेत्र को सिंचित बनाये जाने के प्रयास किये जा रहें हैं। मृदा स्वास्थ्य कार्ड, ई-नाम जैसी पहलें प्रारम्भ की गयी हैं। साथ ही हाल ही में कृषि के समग्र विकास की रूपरेखा प्रस्तुत करने के लिए ‘एग्रीकच्चर 2022’ का आयोजन किया गया। इन सभी पहलों पर ईमानदारी पूर्वक अमल करके ही कृषि एवं किसानों को सशक्त बनाया जा सकता है। ज्ञातव्य है कि कृषि एवं किसानों को सशक्त बनाने का मतलब देश की आबादी को सशक्त बनाना है। इस आधी आबादी को सशक्त बनाकर ही सही मायनों में देश का विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।
केन्द्र सरकार की हालिया पहल ‘एग्रीकच्चर 2022’ क्या है ?
- ‘एग्रीकल्चर 2022’ प्रधानमंत्री कार्यालय की पहल पर आयोजित किया जाने वाला सम्मेलन है जिसमें कृषि एवं किसानों की उन्नति के सम्बंध में समग्र रूपरेखा निश्चित की गयी।
- ‘एग्रीकल्चर 2022’ में देश भर के कृषि विशेषज्ञ एवं किसान प्रतिनिधि शामिल हुए जिन्होने कृषि एवं किसानों की स्थिति सुधारने के लिए गहन विचार विमर्श किया।
‘एग्रीकल्चर 2022’ कृषि एवं किसानों की स्थिति को किस प्रकार सशक्त बनायेगा ?
- ‘एग्रीकल्चर 2022’ के अंतर्गत कृषि एवं किसानों की स्थिति को सशक्त बनाने के लिए सार्वजनिक निवेश के साथ-साथ निजी निवेश को भी बढ़ाने पर जोर दिया गया ताकि बेहतर आधारभूत संरचना की स्थापना की जा सके।
- ‘एग्रीकल्चर 2022’ में प्रधानमंत्री स्वयं शामिल हुए तथा उन्होने इस दौरान प्राप्त सुझावों को जमीनी स्तर पर दृढ़ता से लागू करने का आदेश दिया।
- कृषि की विकास दर बढ़ाने तथा किसानों की आय में वृद्धि के लिए पशुधन, डेयरी, पोल्ट्री मत्स्यपालन को प्रोत्साहन देने की बात कही गयी। सबसे बढ़कर सरकार ने नीतिगत सुधारों के साथ उत्पादकता एवं मार्केटिंग रणनीति पर विचार किया तथा एग्रो लाजिस्टिक और एग्रो वैल्यू सिस्टम को भी मजूबत बनाने पर बल दिया।
- साथ ही किसानों के लिए आसान संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने की समुचित व्यवस्था स्थापित करने पर बल दिया गया।
निष्कर्षः निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि वर्तमान सरकार कृषि एवं किसानों के विकास के लिए निरंतर प्रयत्नशील है। ‘एग्रीकल्चर 2022’ भी इन्ही पहलों (Initiatives) में से एक है। इसके तहत कृषि एवं किसानों के समग्र विकास की रूपरेखा सुनिश्चित की गयी।