प्रतिलोम कर संरचना के बारे में आप क्या जानते हैं, सविस्तार स्पष्ट कीजिए ? विनिर्माण उद्योग को यह सकारात्मक एवं नकारात्मक रूप में किस प्रकार से प्रभावित करता है ? इससे निपटने के लिए हालिया प्रस्तुत बजट में क्या प्रावधान किया गया है ?

प्रतिलोम कर संरचना (Inverted Duty Structure) के अंतर्गत आयात किये जाने वाले विनिर्मित उत्पाद में कम शुल्क लगाया जाता है जबकि इसी उत्पाद को निर्मित करने के लिए जिस कच्चे माल का प्रयोग होता है, उसके आयात पर अधिक कर लगाया जाता है।

उदाहरण के तौर पर यदि भारत किसी अन्य देश से रबर के बने टायर आयात करता है तो उस पर कम आयात शुल्क लगाया जायेगा जबकि यदि इसी टायर को निर्मित करने में प्रयुक्त रबर का आयात किया जाता है तो उस पर अधिक शुल्क लगाया जायेगा।

प्रतिलोम कर संरचना का विनिर्माण उद्योग पर सकारात्मक प्रभाव :

  • इससे विनिर्माण क्षेत्र के स्थानीय उद्योगपतियों में प्रतिस्पर्धा बढ़ती है और वे अधिक सस्ते एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के निर्माण की ओर अग्रसर होते हैं। इसका कारण यह है कि प्रतिलोम कर संरचना के कारण आयातित विनिर्मित उत्पाद सस्ते होते हैं।
  • चूँकि इससे विदेशों से आयातित विनिर्मित उत्पाद सस्ते हो जाते हैं, अतः देश के नागरिकों को बाजार में सामान खरीदने के अधिक विकल्प मिल जाते हैं। इसका कारण यह है कि घरेलू विनिर्माता  भी आयातित उत्पादों की प्रतिस्पर्धा में उत्पादन करते हैं। 

प्रतिलोम कर संरचना का विनिर्माण उद्योगों पर नकारात्मक प्रभावः

  • इसका दुष्प्रभाव विनिर्माण उद्योग के उत्पादन पर पड़ता है जिससे देश की जीडीपी में विनिर्माण उद्योग का योगदान कम होता है।
  • चूँकि विनिर्माण क्षेत्र ही अधिकाधिक कार्यबल को रोजगार प्रदान करता है अतः विनिर्माण क्षेत्र के कमजोर होने से बेरोजगारी में वृद्धि होती है।
  • देश के विनिर्माण उद्योग विदेशों से आयातित विनिर्मित उत्पादों की चुनौती का सामना करने में अक्षम साबित हो रहे हैं।
  • सबसे बढ़कर इससे मेक इन इण्डिया तथा स्टार्ट अप इण्डिया पर बुरा प्रभाव पड़ा है क्योंकि विदेशों से आयातित विनिर्मित उत्पाद काफी सस्ते हैं।

प्रतिलोम कर अनुपात से निपटने के संबंध में केंद्र सरकार के कदमः

  • बजट 2018-19 में सरकार के द्वारा विदेशों से आयातित विनिर्मित उत्पादों पर शुल्क बढ़ा दिया गया है जिसका लाभ घरेलू विनिर्माण उद्योग को प्राप्त होगा।
  • जीएसटी के लागू होने से विदेशो से आयातित विनिर्मित उत्पादों को प्राप्त होने वाला लाभ समाप्त हो गया है।
  • सबसे बढ़कर मेक इन इण्डिया, मुद्रा योजना तथा स्टार्ट अप इण्डिया आदि के माध्यम से सरकार स्वयं विनिर्माण उद्योग को बढ़ावा दे रही है।

निष्कर्षः निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि प्रतिलोम कर संरचना घरेलू विनिर्माण उद्योग को सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों रूपों में प्रभावित करता है किंतु इसका नकारात्मक प्रभाव अधिक है। बजट 2018 में सरकार ने इससे निपटने के लिए कुछ उपलब्ध किये हैं।

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