भारत के विकास में पर्यटन उद्योग की क्या भूमिका हो सकती है, सविस्तार स्पष्ट कीजिए? रोजगार के अवसरों के सृजन तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था के विकास में पर्यटन उद्योग किस प्रकार सहायक हो सकता है? साथ ही बताइए कि पर्यटन उद्योग के समक्ष कौन सी प्रमुख चुनौतियाँ विद्यमान है?

भारत के विकास में पर्यटन उद्योग की भारी संभावनाएं निहित हैं। इसका कारण यह है कि भारत प्राकृतिक सौंदर्य एवं भौगोलिक विविधता से सम्पन्न है। सबसे बढ़कर भारत सांस्कृतिक विरासत स्थलों के मामले में भी समृद्ध है।

यही कारण है कि भारत में प्रति वर्ष विभिन्न देशों से लाखों पर्यटक पर्यटन के उद्देश्यय से आते हैं। पर्यटन उद्योग प्रतिवर्ष 6.8 प्रतिशत की दर से वृद्धि कर रहा है। वर्ष 2016 में पर्यटन से 14 लाख करोड़ रुपये से अधिक की आय हुयी जो देश की कुल जीडीपी का 9.6 प्रतिशत था।

रोजगार के अवसरों के सृजन तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था के विकास में पर्यटन की भूमिका :

  • पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलने से देश में पर्यटक गाइडों के रूप में रोजगार के नवीन अवसरों का सृजन होगा।
  • पर्यटकों के आगमन से स्थानीय व्यंजनों तथा हैण्डीक्राफ्रट को बढ़ावा मिलता है।
  • पर्यटन को बढ़ावा मिलने से देश में विदेशी मुद्रा के प्रवाह को बढ़ावा मिलेगा जिससे देश के राजकोषीय घाटे में कमी आयेगी।
  • सरकार की राजकोषीय स्थिति के मजबूत होने पर वह अधिक मात्रा में आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने के लिए कर सकेगी। आधारभूत संरचना के मजबूत होने से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा जो रोजगार के नवीन अवसर सृजित करेंगे।
  • पर्यटन से भारतीय संस्कृति की विविधता में एकता जैसे गुण को वैश्विक स्तर पर प्रसारित करने में मदद मिलेगी। इससे वैश्विक शक्ति के रूप में भारत की पहचान मजबूत होगी।

भारत में पर्यटन उद्योग के समक्ष मौजूद प्रमुख चुनौतियाँ?

  • कमजोर आधारभूत संरचना अभी भी पर्यटन के मार्ग में बड़ी बाध बनी हुई हैं। दूरदराज स्थित पर्यटन स्थलों में जाने के लिए कनेक्टिवटी का अभाव है।
  • पर्यटकों की सुरक्षा दूसरी बड़ी चुनौती है। हाल ही में फतेहपुर सीकरी में स्विटजरलैण्ड से आये एक पर्यटक दम्पत्ति पर हमला किया गया।
  • कुशल कर्मियों का अभाव अन्य प्रमुख बाध है। ज्ञातव्य है कि पर्यटक गाइड के लिए अन्य देशों की भाषाओं का ज्ञान होना बहुत जरूरी है अन्यथा सही संचार के अभाव में पर्यटकों को सही जानकारी नहीं मिल पाती है।
निष्कर्षः निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि देश में पर्यटन के संबंध में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। पर्यटन उद्योग में रोजगार के नवीन अवसर सृजित करने तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने की क्षमता है। हालॉकि इस संबंध में उपर्युक्त चुनौतियों के निराकरण की आवश्यकता है।
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