पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के द्वारा जारी की गयी इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट, 2017 का उल्लेख कीजिए। इस रिपोर्ट के आधार पर देश में वनों की स्थिति के बारे में बताइए। साथ ही बताइए कि देश में मैंग्रोव वनों की क्या स्थिति है?

     हाल ही में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के द्वारा इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट (India State of Forest Reports) 2017 जारी की गयी है। इस रिपोर्ट के अनुसार भारत में वर्ष 2015 से 2017 के मध्य कुल वन एवं वृक्ष आवरण में 8021 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुयी है। इस प्रकार देश में कुल वन एवं वृक्ष आवरण कुल भौगोलिक क्षेत्र का 24.39 प्रतिशत हो गया है। 

यहाँ ध्यान रखने योग्य बात यह है कि देश में केवल वन आवरण कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का मात्र 21.53 प्रतिशत ही है। जबकि वन एवं वृक्ष आवरण 24.39 प्रतिशत है। इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट प्रत्येक दो वर्ष के अंतराल में भारतीय वन सर्वेक्षण के द्वारा जारी की जाती है। यह इस रिपोर्ट का 15वां संस्करण था। भारतीय वन सर्वेक्षण वर्ष 1987 से प्रति दो वर्ष के अंतराल पर इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट जारी कर रहा है।  

इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट के अनुसार देश में वनों की स्थिति

  • देश के सात राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों मसलन मिजोरम, लक्षद्वीप, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, अरूणाचल प्रदेश, नागालैण्ड, मेघालय एवं मणिपुर में इनके कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के 75 प्रतिशत से अधिक भूभाग में वन आवरण है।
  • देश के आठ राज्यों/संघशासित प्रदेशों मसलन त्रिपुरा, गोवा, सिक्किम, केरल, उत्तराखण्ड, दादरा एवं नागर हवेली, छत्तीसगढ़ तथा असम में उनके कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के 33 से 75 प्रतिशत भूभाग में वन आवरण है।
  • कुल भौगोलिक क्षेत्र के अनुपात में सर्वाधिक वन आवरण लक्षद्वीप में (90.33%) है जबकि इस मामले में मिजोरम (86.27%) एवं अण्डमान-निकोबार द्वीप समूह (81.73%) क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर हैं।
  • इस रिपोर्ट के अनुसार सर्वाधिक वन आवरण में वृद्धि आंध्रप्रदेश (2141 वर्ग किमी.), कर्नाटक (1101 वर्ग किमी.) तथा केरल (1043 वर्ग किमी.) में हुयी।
  • क्षेत्रफल के अनुसार वन आवरण के मामले में मध्य प्रदेश (77414 वर्ग किमी.), अरूणाचल प्रदेश (66964 वर्ग किमी.), तथा छत्तीसगढ़ (55547) क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर हैं।
  • रिपोर्ट के अनुसार कुछ राज्यों के वन आवरण में कमी भी दर्ज की गयी है। वन आवरण में कमी के मामले में मिजोरम (531 वर्ग किमी.), नागालैण्ड (450 वर्ग किमी.) तथा अरूणाचल प्रदेश (190 वर्ग किमी.) क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर हैं।

रिपोर्ट के अनुसार देश में मैग्रोव वनों की स्थिति

  • इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट, 2017 के अनुसार देश में कुल मैंग्रोव कवर 4921 वर्ग किलोमीटर है। वर्ष 2015 से 2017 के बीच इसमें 181 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुयी है।
  • देश के 12 राज्यों में मैंग्रोव वन मौजूद हैं। इन 12 में से 7 राज्यों में मैंग्रोव कवर में वृद्धि हुयी है।
  • महाराष्ट्र में मैंग्रोव आवरण में सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की गयी है। महाराष्ट्र में 82 वर्ग किमी., आंध्र प्रदेश में 37 वर्ग किमी. तथा गुजरात में 33 वर्ग किलोमीटर में मैंग्रोव आवरण की वृद्धि हुयी है।

निष्कर्षः निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि भारतीय वन सर्वेक्षण के द्वारा जारी की गयी इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट, 2017 वन आवरण के मामले में सकारात्मक सूचना उपलब्ध कराती है। सबसे बढ़कर देश में मैंग्रोव वनों के क्षेत्रफल में भी वृद्धि दर्ज की गयी है।

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