सन्धि-12

‘त्’ के बाद यदि ‘ह’ हो तो ‘त्’ के स्थान पर ‘द्’ और ‘ह’ के स्थान पर ‘ध’ हो जाता है; जैसे-

तत् + हित = तद्धित

उत् + हार = उद्धार

उत् + हत = उद्धत

उत् + हृत = उद्धृत

उत् + हरण = उद्धरण

पद + हति = पद्धति

5.            न सम्बन्धी नियम नियम:- यदि ‘ऋ’, ‘र’, ‘ष’ के बाद व्यंजन आता है तो ‘न’ का ‘ण’ हो जाता है; जैसे-

परि + नाम = परिणाम

प्र + मान = प्रमाण

राम + अयन = रामायण

भूष + अन = भूषण

6.            ‘म’ सम्बन्धी नियम -

‘म’ का मेल ‘क’ से ‘म’ तक किसी भी व्यंजन वर्ग से होने पर ‘म’ उसी वर्ग के पंचमाक्षर (अनुस्वार) में बदल जाता है; जैसे-

सम् + कलन = संकलन

परम् + तु = परन्तु

सम् + गति = संगति

सम् + पूर्ण = सम्पूर्ण

सम् + चय = संचय

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