‘त्’ के बाद यदि ‘ह’ हो तो ‘त्’ के स्थान पर ‘द्’ और ‘ह’ के स्थान पर ‘ध’ हो जाता है; जैसे-
तत् + हित = तद्धित
उत् + हार = उद्धार
उत् + हत = उद्धत
उत् + हृत = उद्धृत
उत् + हरण = उद्धरण
पद + हति = पद्धति
5. न सम्बन्धी नियम नियम:- यदि ‘ऋ’, ‘र’, ‘ष’ के बाद व्यंजन आता है तो ‘न’ का ‘ण’ हो जाता है; जैसे-
परि + नाम = परिणाम
प्र + मान = प्रमाण
राम + अयन = रामायण
भूष + अन = भूषण
6. ‘म’ सम्बन्धी नियम -
‘म’ का मेल ‘क’ से ‘म’ तक किसी भी व्यंजन वर्ग से होने पर ‘म’ उसी वर्ग के पंचमाक्षर (अनुस्वार) में बदल जाता है; जैसे-
सम् + कलन = संकलन
परम् + तु = परन्तु
सम् + गति = संगति
सम् + पूर्ण = सम्पूर्ण
सम् + चय = संचय