दामोदर घाटी परियोजना, भाखड़ा नांगल , रिहंद , हीराकुंड बांध, गंडक, कोसी, चंबल, नागार्जुन, टुगभद्रा, मयुराची, शरावती, कोयना, बाग्लिहार परियोजनाओं का संक्षिप्त अति महत्वपूर्ण विवरण......

दामोदर घाटी परियोजना:- यह स्वतंत्र भारत की पहली बहुउददेशीय परियोजना है। यह पश्चिम बंगाल और xharkhand में फैली हुई है।

इसका विकास अमेरिका की टेनिसी नदी घाटी परियोजना के आधार पर किया गया।

भाखड़ा नांगल परियोजना:- पंजाब हिमाचल प्रदेश में सतलज नदी पर बनाई गई यह देश की सबसे बड़ी बहुउद्देशीय परियोजना है। बांध के पीछे बनी xhil का नाम गोविंद सागर है।

रिहंद्द बांध परियोजना:- यह उत्तर प्रदेश की सोन नदी की घाटी में स्थित है इसके पीछे गोविंद बल्लभ पन्त सागर झील बनाई गई है। जो भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झिल है।

हीराकुंड बांध परियोजना:- यह ओडिसा राज्य में महानदी पर स्थित है यह संसार का सबसे लंबा बांध है।

गंडक परियोजना:- यह नेपाल के सहयोग से पूरी की गई है।

कोसी परियोजना:- यह बिहार राज्य में नेपाल के सहयोग से पूरी की गई है

चंबल परियोजना:- यमुना की सहायक नदी चंबल के जल का उपयोग करने के लिए मध्यप्रदेश राजस्थान में यह परियोजना संयुक्त रूप से बनाई गई है। इसके अन्तर्गत मध्यप्रदेश में गांधी सागर बांध तथा राजस्थान में रानाप्रताप सागर बांध, जवाहर सागर बांध तथा कोटा बनाए गए हैं।

नागार्जुन परियोजना:- यह आंध्र प्रदेश में कृष्णा नदी पर बनाई गई है।

तुगभद्रा परियोजना :- यह कर्नाटक में कृष्णा की सहायक तुगभद्रl नदी पर मल्लपुर के निकट बनाया गया है।

मयूरराछी परियोजना:- यह परियोजना  को कनाडा बांध के नाम से जाना जाता है।

शरावती परियोजना: यह कर्नाटक में भारत के सबसे ऊंचे जोग या महात्मा गांधी जल प्रपात पर बनाया गया है।

कोएना परियोजना: यह महाराष्ट्र में कृष्णा की सहायक नदी कोएना पर स्थित है।

बगलिहार परियोजना: यह जम्मू कश्मीर में चिनाब नदी पर ४५० मेगावाट की जल विद्युत परियोजना है।

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