सन्धि- विच्छेद-1

सन्धि-विच्छेद : सन्धि को समझकर वर्णों को पृथक् करना जिससे वह मूल रूप में आ जाए, वह सन्धि-विच्छेद कहलाता है।

अंतःकरण = अंतः+करण

अंतःपुर = अंतः+पुर

अन्वय = अनु+अय

अन्वेषण = अनु + एषण

अन्वेषक = अनु + एषक

अन्तर्निहित = अन्तः+निहित

अन्तर्गत = अन्तः + गत

अन्तस्तल = अन्तः + तल

अन्तर्धान = अन्तः+धान

अन्योन्याश्रय = अन्य + अन्य + आश्रय

अन्योक्ति = अन्य + उक्ति

अण्डाकार = अण्ड + आकार

अनायास = अन् + आयास

अन्वित= अनु + इत

अनुचित = अन् + उचित

अनूप = अन् + ऊप

अनुपमेय = अन् + उपमेय

अन्तर्राष्ट्रीय = अन्तः + राष्ट्रीय

अनंग = अन् + अंग

अनन्त = अन् + अंत

अनन्य = अन् + अन्य

अत्यन्त = अति + अंत

अत्यधिक = अति + अधिक

अतएव = अतः + एव

अध्याय = अधि + आय

अध्ययन = अधि + अयन

अधीश = अधि + ईश

अधीश्वर = अधि + ईश्वर

अधिकांश = अधिक + अंश

अधोगति = अधः + गति

अधरोष्ठ = अधर + ओष्ठ

अब्ज = अप् + ज

अव्भूति = अप् + भूति

अवच्छेद = अव + छेद

अभ्यस्त = अभि + अस्त

अभ्यागत = अभि + आगत

अभिषेक = अभि + सेक

अभीष्ट = अभि + इष्ट

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