सन्धि-विच्छेद : सन्धि को समझकर वर्णों को पृथक् करना जिससे वह मूल रूप में आ जाए, वह सन्धि-विच्छेद कहलाता है।
अंतःकरण = अंतः+करण
अंतःपुर = अंतः+पुर
अन्वय = अनु+अय
अन्वेषण = अनु + एषण
अन्वेषक = अनु + एषक
अन्तर्निहित = अन्तः+निहित
अन्तर्गत = अन्तः + गत
अन्तस्तल = अन्तः + तल
अन्तर्धान = अन्तः+धान
अन्योन्याश्रय = अन्य + अन्य + आश्रय
अन्योक्ति = अन्य + उक्ति
अण्डाकार = अण्ड + आकार
अनायास = अन् + आयास
अन्वित= अनु + इत
अनुचित = अन् + उचित
अनूप = अन् + ऊप
अनुपमेय = अन् + उपमेय
अन्तर्राष्ट्रीय = अन्तः + राष्ट्रीय
अनंग = अन् + अंग
अनन्त = अन् + अंत
अनन्य = अन् + अन्य
अत्यन्त = अति + अंत
अत्यधिक = अति + अधिक
अतएव = अतः + एव
अध्याय = अधि + आय
अध्ययन = अधि + अयन
अधीश = अधि + ईश
अधीश्वर = अधि + ईश्वर
अधिकांश = अधिक + अंश
अधोगति = अधः + गति
अधरोष्ठ = अधर + ओष्ठ
अब्ज = अप् + ज
अव्भूति = अप् + भूति
अवच्छेद = अव + छेद
अभ्यस्त = अभि + अस्त
अभ्यागत = अभि + आगत
अभिषेक = अभि + सेक
अभीष्ट = अभि + इष्ट