आप एक जिले में पुलिस अधीक्षक के रूप में नियुक्त किये गये हैं आपके जिले में एक प्रभावशाली नेता है। जिसे हाल ही में राज्य सरकार के द्वारा मंत्री बनाया गया है। आपके जिले में एक दिन एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता को कुछ लोग पेड़ पर बांधकर पीटते हैं तथा उसके साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। वह महिला आपके पास शिकायत लेकर आती है। आप शिकायत को गंभीरता से लेते हैं और उस महिला को सुरक्षा एवं न्याय का आश्वासन भी देते हैं। जब आप इस मामले की जांच करते हैं तो पता चलता है कि जिन लोगों ने उस महिला के साथ अभद्रता की है वे उस प्रभावशाली मंत्री के पक्के अनुयायी हैं तथा उन्हें मंत्री का संरक्षण प्राप्त है। चूंकि आप एक ईमानदार एवं निडर अधिकारी हैं अतः आप उन लोगों के विरुद्ध कार्यवाही आगे बढ़ाते हैं और उन्हें गिरफ्तार कर लेते हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद एक दिन मंत्री आपके पास फोन करता है और धमकाता है कि आप या तो जांच धीमी कर दें या फिर सारे साक्ष्य मिटा दें अन्यथा वह आपका तबादला सुदूर निर्जन स्थान में करा देगा। वह आपके परिवार के लिए भी कई प्रकार की समस्यायें खड़ी करने की बात कहता है। (a) आप इस स्थिति में राजनीतिक दबाव का सामना किस प्रकार करेंगे? (b) आपके एक मित्र आपको सुझाव देते हैं कि मंत्री के वार्तालाप को टेप कर उसको मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक कर दीजिए। क्या आप ऐसा करना उचित समझते हैं? (c) आपके कुछ मित्र आपको अपना तबादला करा लेने की सलाह देते हैं ताकि आप मंत्री से उलझने से बच जायें।

यह मामला विपरीत परिस्थितियों में कर्तव्यों के समुचित निर्वहन से संबंधित है। एक ओर पीड़ित महिला को न्याय दिलाने का कर्तव्य है वहीं दूसरी ओर प्रभावशाली मंत्री का राजनीतिक दबाव है। ऐसी स्थिति में मेरे द्वारा निम्न कदम उठाये जायेंगे।

  1. पुलिस अधीक्षक का दायित्व जिले में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति को बनाये रखने का होता है। साथ ही क्षेत्रधिकार में आने वाली जनता को न्याय दिलाने का दायित्व भी होता है।
  • चूंकि मुझे प्रारंभिक जांच से पता चल चुका है कि मंत्री के अनुयायी दोषी हैं अतः मुझे न तो मंत्री के दबाव के आगे झुकने की जरूरत है और न ही भयभीत होने की। फिर चूंकि दोषियों के खिलाफ मेरे पास पर्याप्त साक्ष्य हैं, अतः न्याय की ही जीत होगी।
  • मंत्री के दबाव का सामना करने के लिए मैं अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इस घटना से अवगत कराऊगा साथ ही अपने कनिष्ठ अधिकारियों का सहयोग लूंगा ताकि भविष्य में वे सभी मेरे साथ खड़े रहें।
  • भगवद्गीता में स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि युद्ध जीतने के लिए की गयी प्रत्येक कार्यवाही नैतिक होती है। इसलिए मैं अपने मित्र की सलाह पर मंत्री के वार्तालाप को टेप करूंगा किंतु इसे सार्वजनिक नहीं करूंगा।
  • इस बातचीत को सार्वजनिक करना इसलिए उचित नहीं होगा क्योंकि अभी मामले पर कार्यवाही जारी है।
  • समस्या से बचने के लिए तबादले का आग्रह करना मेरी कमजोरी का सबूत होगा। अतः मैं तबादले के लिए कोई कार्यवाही नहीं करूंगा।
  • सबसे बढ़कर तबादला करवाना मेरे अधिकार क्षेत्र से बाहर की बात है क्योंकि यह उच्च अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में आता है।
  • इसके अतिरिक्त कार्यवाही को बीच में रोककर बचने का प्रयास करना अनैतिक होगा क्योंकि इससे न तो एक पीड़ित महिला को न्याय मिल सकेगा और न ही मैं अपने कर्तव्य को पूरा कर सकूंगा।
  • इस प्रकार उपर्युक्त समस्या का निराकरण किया जायेगा और बिना किसी बाहरी दबाव के आगे झुकते हुए ईमानदारी एवं साहस से अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया जायेगा।
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