सन्धि-विच्छेद-4

च वर्ग

चतुरानन = चतुर्+आनन

चतुर्भुज = चतुः+भुज

चतुर्दिक = चतुः+दिक्

चतुरंग = चतुः+अंग

चन्द्रोदय = चन्द्र + उदय

चिन्मय = चित् + मय

चूड़ान्त = चूड़ा + अंत

चिन्ताक्रान्त = चिन्ता + आक्रान्त

छिद्रान्वेषी = छिद्र + अनु + एषी

छुटपन = छोटा + पन

जगदीश = जगत् + ईश

जगदीन्द्र = जगत् + इन्द्र

जगज्जय = जगत् + जय

जगन्नियन्ता = जगत् + नियन्ता

जगद्बन्धु = जगत् + बन्धु

जगन्नाथ = जगत् + नाथ

जनतैक्य = जनता + ऐक्य

जनतौत्सुक्य = जनता + औत्सुक्य

ज्योतिर्मठ = ज्योतिः + मठ

जलौध = जल + ओध

जानकीश = जानकी + ईश

जागृतावस्था = जागृत + अवस्था

जात्याभिमानी = जाति + अभिमानी

जीवनानुकूल = जीवन + अनुकूल

जीवनोपयोगी = जीवन + उपयोगी

जीवनोपार्जन = जीवन + उपार्जन

जीविकार्थ = जीविका + अर्थ

झंडोत्तोलन = झंडा + उत्तोलन

झगड़ालू = झगड़ा + आलू

झड़बेरी = झाड़ + बेड़

वर्ग

टुकड़तोड़ = टुकड़ + तोड़

टुटपुँजिया = टूटी + पूँजी

ठाढ़ेश्वरी = ठाढ़ा + ईश्वरी

ठकुरसुहाती = ठाकुर + सुहाना

डंडपेल = डंड + पेलना

डिठौना = डीठ + औना

ढढोरिया = ढँढोरा + इया

ढकोसला = ढंक + कौशल

त वर्ग

तज्जय = तत् + जय

तच्छरण = तत् + शरण

तच्छरीर = तत् + शरीर

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