सन्धि-विच्छेद-6

देवैश्वर्य = देव + ऐश्वर्य

देवीच्छा = देवी + इच्छा

देव्यागम = देवी + आगम

दैन्यावस्था = दैन्य + अवस्था

दैन्यादि = दैन्य + आदि

दृष्टि = दृष्+ति

दृष्टांत = दृष्ट + अंत

दन्त्योष्ठ्य = दन्त + ओष्ठ्य

दावानल = दावा + अनल

दिगन्त = दिक् + अंत

दिग्गज = दिक् + गज

दिनेश = दिन + ईश

दिगम्बर = दिक् + अम्बर

दिग्भाग = दिक्+भाग

दिग्हस्ती = दिक् + हस्ती

दिड्.नाग = दिक्+नाग

दुर्लभ = दुः+लभ

दुःखात्मक = दुख + आत्मक

दुर्बल = दुः+बल

दुरन्त = दुः+अन्त

दुर्जन = दुः+जन

दुस्साहस = दुः+साहस

दुरूपयोग = दुः+उपयोग

दुश्शसन = दुः+शासन

दुष्कर्म = दुः+कर्म

दुःख = दुः+ख

दुःखान्त = दुःख + अन्त

दुष्कर = दुः+कर

दुस्तर = दुः+तर

दुर्नीति = दुः+नीति

दुर्निवार = दुः+निवार

धनान्ध = धन + अन्ध

धनुर्धर = धनुः + धर

धनुष्टंकार = धनुः+टंकार

धनित्व = धनिन्+त्व

धर्मोपदेश = धर्म + उपदेश

धर्माधिकारी = धर्म + अधिकारी

ध्यानावस्थित = ध्यान + अवस्थित

नद्यूर्मि = नदी + ऊर्मि

नवोऽकंुर = नव + अंकुर

नरेश = नर + ईश

नायक = नै + अक

नाविक = नौ + इक

नास्ति = न + अस्ति

नारायण = नार + अयन

नागाधिराज = नाग + अधिराज

नवोढ़ा = नव + ऊढा

नमस्कार = नमः + कार
Posted on by