18 मार्च 2018 को श्री लंकाई राष्ट्रपति सिरिसेना ने सार्वजनिक सुरक्षा स्थिति का आकलन करने के बाद देश भर में लगा 12 दिवसीय आपातकाल हटा दिया। सिरिसेना द्वारा आपात स्थिति हटाने की यह घोषणा भारत और जापान की यात्रा से श्रीलंका वापस लौटने के बाद की गई । आपात स्थिति हटाने से जुडी विज्ञप्ति 17 मार्च 2018 की रात को हस्ताक्षरित की गई।
अवगत करा दे कि श्रीलंका के कैंडी शहर में कई हिंसक झड़पों के बाद श्रीलंकाई सरकार 6 मार्च 2018 को सम्पूर्ण देश में एक हफ्ते के आपातकाल की घोषणा कर दी थी । राष्ट्रपति सिरिसेना द्वारा शांति स्थापित करने का हवाला देते हुए सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत यह आपातकाल लगाया गया था।
यह फैसला श्रीलंका के विभिन्न क्षेत्रों में साम्प्रदायिक दंगों को फैलने से रोकने के लिए 6 मार्च 2018 को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। कैंडी शहर में अल्पसंख्यक समुदाय की सम्पत्तियों को नुकसान पहुंचाने और हिंसा के बाद यह बैठक बुलाई गई थी।
विदित हो कि इस घटनाक्रम की शुरुआत 4 मार्च 2018 को हुई जब कैंडी जिले में स्थित तेलेडेनिया ग्राम में एक रोड एक्सीडेंट के बाद 4 मुस्लिमों ले हमले में एक सिंहली व्यक्ति मार गया। जिसके बाद कैंडी और आसपास के जिलों में मुस्लिम विरोधी हिंसा भड़क गई जिसमें 3 व्यकितयों की मृत्यु हो गई परिडामस्वरूप श्रीलंका सरकार को इमरजेंसी लगानी पड़ी । बता दें कि श्रीलंका में केवल 9% ही मुस्लिम हैं 2009 के गृह युद्ध के बाद यह पहला आपातकाल है।