इसके संकलनकर्ता (रचयिता) महर्षि वेदव्यास को माना जाता है। प्रारंभ में महाभारत में केवल 8800 श्लोक थे तब इसे जयसन्हिता के नामसे जाना जाता था जिसका अर्थ- विजय संहिता था। बाद में बढ़कर 24000 श्लोक हो गए।तब इसे भारत कहा जाने लगा जिसमें वैदिक जन भरतवंश केे कथा का वर्णन है। जब इसमें 1 लाख श्लोक हो गए
जब इसमें 1 लाख श्लोक हो गए तब इसे महाभारत कहा जाने लगा। महाभारत में कुल 18 पर्व हैं जिसमें 6वें पर्व को भीष्म पर्व कहा जाता है जिसमें गीता का संदेश मिलता है।
महाभारत के तमिल भाषा के रचयिता - पेरुदेवनार हैं|
बांग्ला भाषा के- माधव कांदली हैं|
तेलगू भाषा के - नानंया हैं।