रामायण के रचयिता महर्षि बाल्मीकि को माना गया है| प्रारम्भ में रामायण में श्लोकों की संख्या 600 थी,बाद में बढ़कर इसकी संख्या 12000 हुई तथा अंत में बढ़कर इसकी संख्या 24000 हुई| रामायण में आदर्शवाद झलका है तथा उसमें आदर्श पुरुष, आदर्श पिता,आदर्श नारी का उल्लेख मिलता है|
रामायण का तमिल भाषा में अनुवाद कुलोतुंग तृतीय के समय में कम्बन ने किया था|
बांग्ला भाषा में रामायण की रचना कृतिवास ने किया था बारबक शाह के शासनकाल में |
19वीं शताब्दी में दक्षिण भारत के समाज सुधारक रामास्वामी नायनंकर ने तमिल भाषा में सच्ची रामायण की रचना किया|
2010 में चित्रकूट के विकलांग विश्वविद्यालय के आचर्य स्वामी रामभद्राचार्य ने विवादास्पद संस्कृत भाषा में रामायण की रचना किया|