सन्धि-विच्छेद-10

महीश = महि+ईश

महौज = महा+ओज

महौदार्य = महा+औदार्य

महेश्वर = महा+ईश्वर

महौषधि = महा+औषधि

महेश = महा+ईश

मायाधीन = माया+अधीन

मातृऋण = मातृ+ऋण

मात्रानन्द = मातृ+आनन्द

मुनीश्वर = मुनि+ईश्वर

मुत्युञ्जय = मृत्युम्+जय

मन्त्रोच्चारण = मंत्र+उत्+चारण

महामात्म = महा+अमात्य

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यज्ञ = यज् + न

यथेष्ट = यथा+इष्ट

यद्यपि = यदि +अपि

यशोदा = यशः+दा

याच्ञा = याच्+ना

यवनावनि = यवन+अवनि

यशोलाभ = यशः+लाभ

युधिष्ठिर = युधि+स्थिर

योऽसि = यो+असि

यशोऽभिलाषी = यशः+अभिलाषी

रजकण = रजः+कण

रत्नाकर = रत्न + अकार

रमेश = रमा+ईश

रवीन्द्र = रवि+इन्द्र

रसातल = रसा+अतल

रसास्वादन = रस+आस्वादन

राजाज्ञा = राजा+आज्ञा

रामावतार = राम+अवतार

रामायण = राम+अयन

रूद्रावतार = रूद्र + अवतार

रेखांश = रेखा+अंश

रसायन = रस +अयन

रहस्याधिकारी = रहस्य+अधिकारी

लघूर्मि = लघु+ऊर्मि

लक्ष्मीश = लक्ष्मी+ईश

लोकोत्तर = लोक+उत्तर

लोकोपकार = लोक+उपकार

लम्बोदर = लम्बा+उदर

वधूर्मिका = वधू+उर्मिका

वनस्पति = वनः+पति

वयोवृद्ध = वयः+वृद्ध

व्यस्त = वि+अस्त

व्यवहार = वि+अवहार

व्यभिचार = वि+अभिचार

व्यायाम = वि+आयाम

व्यापकता = वि+आपकता

व्यापी = वि+आपी

व्याप्त = वि+आप्त

व्यापक = वि+आपक

वाक्शूर = वाक्+शूर

वाक्कलह = वाक्+कलह

वाग्जाल = वाक्+जाल

वागीश = वाक्+ईश

वार्तालाप = वार्ता+आलाप

वाड्.मय = वाक्+मय

वातावरण = वात+आवरण

वाग्रोध = वाक्+रोध

वारीश = वारि+ईश

वाग्दान = वाक्+दान

विधूदय = विधु+उदय
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