भारतीय संविधान Easy Notes - 58 (क्षेत्रीय परिषदों के गठन और कार्य)

क्रमशः

Day - 58

  • क्षेत्रीय परिषदों का गठन – क्षेत्रीय परिषदों का गठन राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है। इसके निम्नलिखित सदस्य होते है –
  1. भारत का गृहमंत्री या राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत केन्द्र सरकार का एक मंत्री
  2. क्षेत्रीय परिषद् के अधीन आने वाले राज्यों के मुख्यमंत्री
  3. क्षेत्रीय परिषद् के अधीन आने वाले प्रत्येक राज्य के राज्यपाल द्वारा नामित दो-दो अन्य मंत्री
  4. केन्द्र शासित प्रदेशों के मामले में प्रत्येक के लिए राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत एक सदस्य।
  5. योजना आयोग के सदस्यगण (सलाहकार के रूप में)
  6. क्षेत्रीय परिषदों में शामिल राज्यों के गृहमंत्री या राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत केन्द्रीय मंत्री अध्यक्ष होता है तथा सम्बन्धित राज्यों के मुख्यमंत्री उपाध्यक्ष होते हैं, जो प्रतिवर्ष बदलते रहते हैं।
  • क्षेत्रीय परिषदों का कार्य – क्षेत्रीय परिषदों के निम्नलिखित कार्य है –
  1. जनता में भावनात्मक एकता पैदा करना
  2. क्षेत्रवाद तथा भाषावाद के आधार पर उत्पन्न होने वाली विघटनकारी प्रवृत्तियों को रोकना
  3. केन्द्र एवं राज्यों को आर्थिक तथा सामाजिक मामलों में समान नीति बनाने के विचारों तथा अनुभवों का आदान-प्रदान करना
  4. पारस्परिक विकास योजना के सफल तथा तीव्र क्रियान्वयन में सहयोग करना
  5. देश के विभिन्न क्षेत्रों में एक प्रकार की राजनीतिक सन्तुलन की अवस्था को निर्धारित करना
  6. निम्नलिखित मामलों मे सलाह देना –
    1.  अन्तर्राज्यिक परिवहन के मामले में,
    2.  भाषायी अल्पसंख्यको की समस्या के मामले में
    3. आर्थिक तथा सामाजिक योजनाओं के मामले में
    4.  दो या दो से अधिक राज्यों के मध्य सीमा सम्बंधी विवादों के मामले में

मिलते है हम अगले दिन, नागरिकता विषय पर फिर आगे  चर्चा करने के

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