दादा साहब फाल्के पुरस्कार

भारतीय सिनेमा के पितामह  -दादा साहब फाल्के पुरस्कार
                                                                            भारतीय सिनेमा के पितामह  कहे जाने   बाले  दादा साहब फाल्के का  वास्तविक  नाम धुड़ीराजगोविंद  था। उनका जन्म 30 अप्रैल 1870 को महाराष्ट्र  के  निकट त्रयंवकेश्वर  में हुआ  था। प्रारम्भ में  दादा साहब को फोटोग्राफी का शौख था  उन्होंने फोटोग्राफर  के रूप में अपने करियर की शुरूआत  की थी । पारिवारिक समस्याओं के कारण उन्होंने एक प्रिंटिंग  के कारोवार  में आ गए इसी दौरान  वह भारत के प्रसिद्द चित्रकार   राजा रविराज वर्मा के साथ काम करने लगे ।  राजा रविराज वर्मा  ने उन्हें फ़िल्म  बनाने  के लिए आर्थिक सहायता प्रदान  की बर्ष 2009 
 में आई फ़िल्म  हरिश्चंद्र फैक्ट्री  में फाल्के साहब  के जीवन संधर्ष को दिखाया  गया है 
                                                                                                          भारतीय सिनेमा में दादा साहब  फाल्के को अपना पितामह कहा जाता है इन्ही  के नाम पर फ़िल्म उधोग का सबसे सर्वश्रेष्ट पुरस्कार  दादा साहब फाल्के पुरस्कार दिया जाता  है । हर  वर्ष  यह पुरस्कार  प्रदान किया जाता है । इस वर्ष 2018   का फाल्के पुरस्कार स्व.  श्री विनोद खन्ना  जी को प्रदान किया  गया  ।
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