केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन (C.S.O.)

केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन भारत में समंको के संकलन, विश्लेषण, समन्वय तथा प्रकाशन करने वाली सर्वोच्च संस्था है। स्वतंत्रता के बाद इस बात की आवश्यकता महसूस की गई कि देश मैं एक‌ ऐसी संस्था हो समंको को संकलित करें, उसका विश्लेषण करें तथा उपयोगों के लिए प्रकाशित करें। अनेक आयोगों तथा समितियों ने विशेष रूप से प्रो. महालनोबिस की अध्यक्षता में गठित समिति ने, इस बात पर विशेष बल दिया। परिणाम स्वरुप 1951 में केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन की स्थापना केंद्रीय मंत्रिमंडल के सचिवालय में की गई, यद्यपि इसका प्रारंभ 1949 में एक सांख्यिकीय इकाई के रूप में  हुआ था। प्रारंभ में सांख्यिकीय संगठन का उद्देश्य भारत में सांख्यिकीय क्रियाओं को समन्वित करना उसके उस संबंध में अवधारणा, परिभाषा तथा प्रक्रिया निर्धारित करना, विभिन्न सांख्यिकीय संगठन को परामर्श तथा निर्देश देना तथा अंतर्राष्ट्रीय सांख्यिकीय संगठनों से संपर्क स्थापित करना था पर आजकल इसका  कार्य तथा क्षेत्र अत्यंत ही व्यापक हो गया है। अपनी स्थापना के 3 वर्ष के भीतर ही इसे राष्ट्रीय आय के अनुमान का कार्य सौंपा गया।1954 में वित्त मंत्रालय की राष्ट्रीय इकाई(national income unit), 1957 मे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का औद्योगिक समांक निर्देशालय (Directorate of Industrial Statistics) तथा कुछ समय बाद पंचवर्षीय योजनाओं से संबंधित समंको को की इकाई भी इनमें सम्मिलित की गई। 1961 में केंद्रीय मंत्रिमंडल में सांख्यिकीय विभाग की स्थापना की गई और 1973 तथा सीएसओ ने इसी के अंतर्गत कार्य किया, उसके बाद इसे योजना मंत्रालय में स्थानांतरित कर दिया गया। राष्ट्रीय न्यादर्श सर्वेक्षण संगठन इसी संगठन का एक महत्वपूर्ण अंग है। CSO औद्योगिक एवं व्यवसायिक समको को भी संकलित तथा प्रकाशित करता है। इसकी औद्योगिक समंक शाखा कोलकाता में स्थित हैं। केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन का मुख्य कार्यालय दिल्ली में स्थित है। इसका संचालन एक निर्देशक द्वारा होता है जो इसका सर्वोच्च अधिकारी होता है तथा केंद्रीय मंत्रिमंडल सचिवालय के सांख्यिकीय विभाग का पदेन संयुक्त सचिव होता है। इसकी सहायता के लिए तथा संगठन कार्यकार्य को सुचारु रुप से चलाने के लिए 6 संगीत निर्देशक तथा 7 विशेष कार्य अधिकारी, 30 उपनिवेश, 48 सहायक निदेशक तथा पर्याप्त बड़ी संख्या में सांख्यिकीय निरीक्षक तथा गणक हैं।
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