भारत छोड़ो आंदोलन का प्रभाव

देश में प्रभाव वर्ष 1942 के अंदोल का एकमात्र उद्देश्य भारत को स्वतन्त्र करना है याथपी इस उद्देश्य की प्राप्ति  वह तात्कालिक रूप से आसफल रहा   इस आंदोलन के दूरगामी प्रभाव पड़ा जो निम्नलिखित है।

भारत छोड़ो आंदोलन ने देश की जनता ने आशाधरण पैदा की ।

जनता में ब्रिटिश शासन से  सामना करने की शकती आई।

क्रांति  का क्षेत्र तथा प्रभाव देशव्यापी इस लिए ब्रिटिश शासन को पता चल गया था कि अब जब असंतोष चरम बिन्दु पर पहुंच चुका है,अब इसे दबाया नहीं जा सकता है।

इस आंदोलन कि तीव्रता ने भारतीय स्वतंत्रता को पूर्ण स्वतन्त्रता का द्वीप जलाने की उत्प्रेरण दी। अब भारतवासी पूर्ण स्वतन्त्रता से कम के लिए तैयार नहीं है।

विदेशो में प्रभाव भारत छोड़ो आंदोलन विदेशो पत्र भी बहुत पड़ा। इंग्लैंड , अमेरी का और चीन इसके विपक्ष में थे । इस आंदोलन के बारे अमेंरीका का विचार पक्ष तथा विपक्ष दोनों ओर से था।अमेरिका के एक समाचार। मेयाह कहा गया कि विश्व युद्ध।  दौरान इंग्लैंड कि सरकार किसी तरह की अराजकता को सहन नहीं कर सकती और ना ही अमेरिका की जनता ब्रिटिश सरकार के आंदोलन को कुचलने से रोक सकती है।पर धीरे धीरे ,चर्चिल की भारत के प्रतिनिधी के कारण अमेरिका के लोगो  में भारत की स्वतंत्रता के प्रति सहन भूती उत्पन्न हो गई।।

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