कथक (उत्तर प्रदेश)
· अंतिम अवध शासक नवाब वाजिद अली शाह के संरक्षण में कथक का स्वर्णिम युग प्रारंभ हुआ l
· इस नृत्य में पांव के संपूर्ण संपर्क को प्रथम महत्व दिया जाता है l
· नृत्य की प्रस्तुति के दौरान जुगलबंदी में तबलावादक और नर्तक के बीच ध्रुपद संगीत में प्रतिस्पर्धा होती है l
· इस नृत्य का संबंध मुस्लिम संस्कृति से रहा है और यह नृत्य हिंदुस्तानी संगीत से जुड़ा हुआ है l
प्रदर्शन अनुक्रम :
1.थाट
2. चक्कर नृत्य
· कत्थक के मुख्यतः तीन घराने प्रसिद्ध रहे हैं-
Ø जयपुर घराना - लयात्मक प्रवीणता को प्राथमिकता
प्रमुख कलाकार- उमा शर्मा, प्रेरणा श्रीमाली
Ø बनारस घराना - श्रृंगारिकता के स्थान पर प्राचीन शैली को महत्व
प्रमुख कलाकार- सितारा देवी, जयंती माला
Ø रायगढ़ घराना - यह सबसे नया घराना है l
प्रमुख कलाकार- बिरजू महाराज और लच्छू महाराज